चांपा/बिलासपुर | गोवंश के संवर्धन, संरक्षण और आधुनिक चिकित्सा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है। श्री कृष्ण गोशाला चांपा के परिसर में ‘गो अनुसंधान केंद्र’ स्थापित करने की मांग को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अखिलेश कोमल पांडेय ने छत्तीसगढ़ राज्य गो सेवा आयोग के अध्यक्ष माननीय विशेषर पटेल से सौजन्य भेंट की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख बिंदु: क्यों जरूरी है अनुसंधान केंद्र?
बिलासपुर प्रवास के दौरान हुई इस मुलाकात में गो अनुसंधान केंद्र की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की गई। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करना होगा:
- नस्ल सुधार एवं संवर्धन: गोवंश की स्थानीय नस्लों में सुधार और उनके बेहतर पालन-पोषण के गुर सिखाना।
- पंचगव्य अनुसंधान: गोबर और गोमूत्र पर आधारित उत्पादों (पंचगव्य) का वैज्ञानिक पद्धति से परिशोधन।
- औषधि निर्माण: पंचगव्य के माध्यम से विभिन्न रोगों के उपचार हेतु आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण और उनकी महत्ता को स्थापित करना।
- प्रशिक्षण एवं जन-भागीदारी: गो-पालन को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आम नागरिकों को प्रशिक्षण देना और जन-सहभागिता सुनिश्चित करना।
पूर्व प्रयासों का संदर्भ
गौरतलब है कि श्री कृष्ण गोशाला चांपा में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं अनुसूचित जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नंदकुमार साय की सांसद निधि से 10 लाख रुपये की लागत से नवीन गोशाला भवन का निर्माण पहले ही किया जा चुका है।
अखिलेश पांडेय ने बताया कि इस भवन के भूमिपूजन के अवसर पर भी तत्कालीन गो सेवा आयोग अध्यक्ष (जो वर्तमान में भी अध्यक्ष हैं) विशेषर पटेल जी के समक्ष इस केंद्र की स्वीकृति हेतु चर्चा की गई थी। इसी तारतम्य में इस बहुप्रतीक्षित मांग को पुनः प्रमुखता से रखा गया है।
प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
मुलाकात के दौरान भाजपा युवा मोर्चा महामंत्री आदर्श पांडेय और विनय बघेल भी उपस्थित रहे। अध्यक्ष विशेषर पटेल ने ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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