बलौदा/जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत आदर्श एवं गौरव ग्राम कुरदा में ग्राम पंचायत कुरदा के आंगनबाड़ी केंद्र में सेवा संकल्प के तहत आंगन मिलन कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ग्राम पंचायत कुरदा एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष नरसिंह साहू के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मितानिन, स्वास्थ्य विभाग की नर्स, बच्चों एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद ग्राम पंचायत कुरदा के सरपंच एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष नरसिंह साहू ने आंगनबाड़ी केंद्रों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंगनबाड़ी वह संस्था है, जहां बच्चों के संपूर्ण एवं चहुंमुखी विकास पर कार्य किया जाता है। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, पोषण और मनोरंजन का अवसर मिलता है तथा उनके विकास के लिए आवश्यक विभिन्न साधन उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इनमें महतारी योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण योजना, सक्षम आंगनबाड़ी योजना, मुख्यमंत्री बाल सदन योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में उपस्थित लोगों को बताया गया।
बाल विवाह रोकने ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथ
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकने के लिए उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह का हिस्सा नहीं बनेंगे और न ही किसी ऐसे आयोजन में शामिल होकर अपनी सहमति देंगे। साथ ही अपने आसपास के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा बाल विवाह की जानकारी मिलने पर प्रशासन, पंचायत अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देकर उसे रोकने का प्रयास करने का संकल्प लिया।
शपथ के दौरान बच्चों के शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
बच्चों के चहुंमुखी विकास पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता योगेश कुमार साहू, विश्व हिंदू परिषद जिला समरसता प्रमुख, जांजगीर-चांपा रहे। उन्होंने बच्चों के चहुंमुखी विकास पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक स्थिति में बच्चों को उनका संपूर्ण अधिकार मिलना चाहिए, ताकि वे निरंतर प्रगति और उन्नति की ओर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर बात करते हुए कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। खेलकूद, योग और उचित पोषण बच्चों की शारीरिक क्षमता एवं ऊर्जा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में मिलने वाले पौष्टिक आहार को भी बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
ये लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजूषा राजपूत एवं उमा देवांगन, सहायिका, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स एनएम दीदी साहू, प्रेमनाथ बरेठ, मितानिन ममता नेताम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, मितानिन, आंगनबाड़ी के बच्चे तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सामूहिक संकल्प का संदेश दिया गया।

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