कोरबा : चक्रवात ‘अर्नब’ का असर अब छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साफ तौर पर दिखने लगा है। बुधवार सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश का दौर रातभर जारी रहा और गुरुवार सुबह भी थमता नजर नहीं आया। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने एक तरफ जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी तरफ अन्नदाताओं (किसानों) की नींद उड़ा दी है।
🌧️ लगातार बारिश से थमी जनजीवन की रफ्तार
खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को अवकाश घोषित कर दिया था, जिसके चलते जिलेभर के सभी स्कूलों के पट बंद रहे।
- सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रिमझिम फुहारें गिरती रहीं।
- जरूरी कार्यों वाले लोगों को छोड़कर सड़कों पर आवाजाही बेहद कम नजर आई।
- लगातार बारिश से सड़कें गीली और फिसलन भरी हो गईं, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा और सामान्य दिनों की तुलना में खरीदार कम पहुंचे।
🌾 धान और सब्जियों की फसलों पर मंडराया संकट
इस समय खेतों में धान की फसल पकने की स्थिति में है या कटाई के लिए तैयार है। ऐसे में यह बेमौसम बारिश किसानों के लिए किसी आफत से कम नहीं है।
- फसल गिरने का खतरा: लगातार पानी गिरने से खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे खड़ी फसल के गिरने और दानों में अत्यधिक नमी आने का डर है।
- कटाई-मड़ाई प्रभावित: जो किसान धान की कटाई और मड़ाई की तैयारी कर रहे थे, उनका काम पूरी तरह रुक गया है। भीगने से फसल के खराब होने की आशंका है।
- सब्जी उत्पादकों की बढ़ी चिंता: अत्यधिक नमी के कारण हरी सब्जियों की फसलों पर भी बुरा असर पड़ रहा है, जिससे उत्पादन घटने की आशंका है।
प्रशासन और किसानों की टिकी निगाहें
किसानों का कहना है कि यदि यह बारिश का दौर और लंबा खिंचा, तो खेतों में तैयार फसल को बचा पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मौसम कब साफ होगा और इस आपदा से फसलों को कितना नुकसान पहुंचा है।

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