कोरबा | 18 मार्च, 2026 साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। मंगलवार शाम महाप्रबंधक कार्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए बुधवार (18 मार्च) को प्रस्तावित ‘खदान बंदी आंदोलन’ को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
रोजगार के मुद्दे पर बनी ठोस सहमति
इस बैठक का मुख्य एजेंडा ग्राम नरईबोध के 15 प्रभावित ग्रामीणों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना था। वार्ता में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- तत्काल नियुक्तियाँ: गेवरा परियोजना में कार्यरत ठेका कंपनी पीएनसी (PNC) ने तत्काल नियुक्तियों का भरोसा दिया है।
- प्रथम चरण: 5 ड्राइवरों और 5 जनरल मजदूरों की जॉइनिंग तत्काल प्रभाव से कराई जाएगी।
- द्वितीय चरण: शेष 5 व्यक्तियों को आगामी एक सप्ताह के भीतर संबंधित कार्यों में नियोजित कर लिया जाएगा।
प्रबंधन और ग्रामीण नेतृत्व की मौजूदगी
बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक (संचालन), महाप्रबंधक (खनन)/स्टाफ ऑफिसर (भू-राजस्व), मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) और उप प्रबंधक (सिविल) उपस्थित रहे। वहीं, ग्रामीणों का नेतृत्व गोमती केंवट, गुलाब दास, और सुमेन्द्र सिंह कंवर सहित करीब 30 ग्रामीणों ने किया।
25 मार्च तक का अल्टीमेटम
प्रबंधन के त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने कोयला उत्पादन की निरंतरता और क्षेत्र के विकास को देखते हुए अपना कदम पीछे खींच लिया है। हालांकि, ग्रामीण प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 मार्च तक सभी नियुक्तियां पूरी नहीं होती हैं, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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