कोरबा। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए संशोधनों और “जनविरोधी” नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कोरबा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांसद ज्योत्सना चरण दास महंत और पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गर्माया रहा; आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए दो बैरिकेड्स तोड़ दिए और तीसरे बैरिकेड्स तक जा पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की।
कोसाबाड़ी से कलेक्ट्रेट तक शक्ति प्रदर्शन
प्रदर्शन की शुरुआत कोसाबाड़ी से हुई, जहां सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्रित हुए। रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी घेराबंदी की थी। हालांकि, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के भारी दबाव के आगे पुलिस की शुरुआती दो परतें (बैरिकेड्स) टिक नहीं सकीं। अंततः तीसरे घेरे के पास कांग्रेसियों ने सभा की और डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिकार-आधारित कानून को प्रशासनिक योजना बनाना स्वीकार नहीं कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कानून है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित चिंताएं जताई गईं:
मूल स्वरूप से छेड़छाड़: मनरेगा को इसके संवैधानिक अधिकार-आधारित स्वरूप से हटाकर एक सीमित प्रशासनिक योजना में बदलने की कोशिश की जा रही है।
मजदूरी में अनिश्चितता: मजदूरी भुगतान में देरी और कार्य आवंटन में आ रही बाधाओं से ग्रामीण श्रमिकों का हक छीना जा रहा है।
पंचायती राज को झटका: पंचायतों और ग्राम सभाओं के अधिकारों में कटौती कर ठेकेदारी व्यवस्था को अप्रत्यक्ष बढ़ावा दिया जा रहा है।
पलायन का खतरा: इन नीतियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और मजदूरों का पलायन बढ़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगों को स्पष्ट किया: मजदूरी में वृद्धि: वर्तमान महंगाई को देखते हुए मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन तय की जाए। पुरानी व्यवस्था की बहाली: अधिनियम को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखा जाए और राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए।
पंचायतों का सशक्तिकरण: योजना के निर्माण और निगरानी का पूर्ण अधिकार पुनः ग्राम सभाओं को दिया जाए।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
इस विशाल विरोध प्रदर्शन में सांसद ज्योत्सना चरण दास महंत, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और बांकीमोंगरा नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

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