रायपुर/सक्ती: छत्तीसगढ़ की राजनीति के दिग्गज नेता और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को लेकर गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा का केंद्र है—उनका राज्यसभा जाना और उनकी पारंपरिक सीट सक्ती से उनके सुपुत्र सूरज महंत का चुनावी पदार्पण।
1. क्या राज्यसभा जाएंगे डॉ. चरणदास महंत?
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की खाली होने वाली सीटों के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया चर्चा में है। डॉ. महंत कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वे पूर्व में केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।
तर्क: कांग्रेस आलाकमान उन्हें दिल्ली की राजनीति में सक्रिय कर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। यदि वे राज्यसभा सदस्य (MP) चुने जाते हैं, तो संवैधानिक नियमों के अनुसार उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना होगा।
2. उपचुनाव की संभावना और सूरज महंत की दावेदारी
यदि डॉ. महंत इस्तीफा देते हैं, तो सक्ती विधानसभा सीट रिक्त हो जाएगी, जिससे वहां 6 महीने के भीतर उपचुनाव अनिवार्य हो जाएगा।
उत्तराधिकारी की चर्चा: सक्ती क्षेत्र में डॉ. महंत के पुत्र सूरज महंत पिछले काफी समय से सक्रिय हैं। वे न केवल सामाजिक कार्यक्रमों में बल्कि राजनीतिक आयोजनों में भी अपने पिता की विरासत को संभालते नजर आते हैं।
राजनीतिक विरासत: स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच यह चर्चा आम है कि डॉ. महंत अपनी विरासत सूरज महंत को सौंप सकते हैं। उपचुनाव उनके लिए अपनी लोकप्रियता साबित करने का एक बड़ा मंच हो सकता है।
3. विश्लेषण: राह कितनी आसान?
कांग्रेस का पक्ष: कांग्रेस के लिए सक्ती एक सुरक्षित किला मानी जाती है। डॉ. महंत की वहां मजबूत पकड़ है, जिसका फायदा उनके सुपुत्र को मिल सकता है।
भाजपा की रणनीति: यदि उपचुनाव होता है, तो सत्ताधारी दल भाजपा इस हाई-प्रोफाइल सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी, जो कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
निष्कर्ष: फिलहाल ये सभी बातें राजनीतिक चर्चाओं और कयासों पर आधारित हैं। डॉ. चरणदास महंत का राज्यसभा जाना पूरी तरह से कांग्रेस हाईकमान के निर्णय और राज्य के संख्या बल पर निर्भर करेगा। यदि ऐसा होता है, तो सूरज महंत का नाम सक्ती से सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरेगा।

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