कोरबा। करूमौहा सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां एक बुजुर्ग दंपत्ती ने अपनी बहू व वार्ड पंच को पति और बच्चों सहित सरपंच व उसके समर्थकों द्वारा अगवा कर लिए जाने की शिकायत की गई, तो दूसरे पक्ष ने भी कुछ ग्रामीणों पर एक सदस्य को अपहरण किए जाने का आरोप लगाया गया। इस सबके बीच महिला पंच और उसके परिवार के घर नही पहुंचने से स्थानीय पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। मामले में चौकी प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत करूमौहा में ग्वाल राम यादव निवास करता है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, जिसके मुताबिक पंचों ने सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 25 मार्च की तिथि नियत की है। इससे पहले 16 मार्च को सरपंच कविता कांदे और उसके समर्थक ग्वाल राम की बहू व वार्ड पंच निर्मला के अलावा उसके पति और बच्चों को चंद्रहासिनी मंदिर दर्शन के बहाने अपने साथ ले गए। इसके बाद वे न तो घर लौटे और न ही उनसे बातचीत हो रही है। पूछताछ करने पर सरपंच और उसके समर्थक कुछ भी बताने में आनाकानी कर रहे है। उनके द्वारा धमकी दी जा रही है। इस संबंध में रजगामार पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत की गई, लेकिन पुलिस चौकी प्रभारी ने शिकायत की पावती ही नही दी। ग्वालराम ने अपने पुत्र और उसके परिवार को वापस दिलाने की मांग की थी। इसके दूसरे दिन सरपंच के समर्थकों ने भी कुछ ग्रामीणों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र सौंप दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस चौकी प्रभारी द्वारा तस्दीक किए जाने के दावे किए जाते रहे। महिला पंच को परिवार सहित माल खरौदा में रिश्तेदार के घर ठहरे होने की बातें कहीं गई। उनके घर लौटने पर विधिवत प्रक्रिया पूरी करने की बातें कही जाती रही, लेकिन नौ दिन बाद भी न तो महिला पंच और उसका परिवार घर लौटा और न ही सास ससुर से उनकी बात कराई गई। जिससे हताश सास ससुर सोमवार को पूरे दिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डंटे रहे। उन्होंने अपनी बहू बेटे और पोते पोतियों से मिलाने की गुहार लगाई। इस सबके बीच स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चौकी प्रभारी ने आला अफसरों को गुमराह किया है। उनके द्वारा पुलिस चौकी प्रभारी पर दूसरे पक्ष को संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
यह है उंगली उठने की वजह
ग्रामीणों ने पुलिस चौकी प्रभारी पर संरक्षण के आरोप लगाए हैं। इसकी वजह भी गिनाई है। परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि 19 मार्च को चौकी पहुंचकर शिकायत की गई, तो एक्शन क्यो नही लिया गया। मामला आला अफसरों के संज्ञान में आने पर चौकी प्रभारी द्वारा तस्दीक करने व महिला से मोबाइल पर बात करने की बातें कही जा रही है, जबकि उनके पास मोबाइल ही नही है। ऐसे में किस नंबर से प्रभारी का उनसे संपर्क हुआ। उनसे सास ससुर की बात क्यो नही कराई जा रही है। शिकवा शिकायत के बाद भी उन्हें क्यो नही लाया जा रहा। उन्हें गांव नही लाने के पीछे मंशा क्या है। ऐसे ही कई अन्य सवाल हैं, जिससे कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
चौकी प्रभारी रजगामार का कहना है कि मैंने संबंधितों को ढूंढने के लिए पुलिस टीम रवाना कर दिया है-प्रभारी लक्ष्मण खूंटे

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