जांजगीर-चांपा: चांपा से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कुरदा में इन दिनों गौवंश पर दोहरी मुसीबत आन पड़ी है। एक ओर खूंखार आवारा कुत्तों ने गायों और उनके मासूम बछड़ों को अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया है, तो दूसरी ओर सड़कों पर दौड़ते भारी वाहन हर दिन किसी न किसी गौमाता की जान ले रहे हैं।


ग्रामीणों ने बताया कि खेती के बाद कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा खेतों और खलिहानों में आग लगा दी जाती है। इससे न केवल पैरा (चारा) जलकर खाक हो रहा है, बल्कि आसपास के पेड़-पौधे और छोटे जीव-जंतु भी इस आग की भेंट चढ़ रहे हैं। चारे की कमी के कारण गायें सड़कों की ओर रुख करती हैं, जहाँ तेज रफ्तार भारी वाहन उन्हें अपनी चपेट में ले लेते हैं।
युवाओं की सराहनीय पहल: घायलों का किया उपचार
इस दयनीय स्थिति को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला समरसता प्रमुख योगेश साहू के नेतृत्व में युवाओं की टोली आगे आई है। योगेश साहू के साथ शानू राजपूत, राकेश साहू, प्रिंस राठौर, शिवम तिवारी, किशन, रूपेश, कुणाल, राजेंद्र, विकास और राहुल जैसे युवाओं ने मिलकर घायल गायों का उचित उपचार और सुई (इंजेक्शन) लगवाई। इन युवाओं ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे गौवंश की सेवा और देखभाल के लिए एकजुट हों।
प्रशासन से मुख्य मांगें:
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है:
रेडियम बेल्ट का उपयोग: शासन की योजना के तहत सड़कों पर घूमने वाले गौवंश के गले में रेडियम पट्टी बांधी जाए, ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालकों को वे दूर से दिख सकें और दुर्घटनाएं रुकें।
आवारा कुत्तों पर नियंत्रण: पंचायत स्तर पर आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
आग लगाने वालों पर कार्रवाई: जो लोग खेतों में पैरा जलाकर पर्यावरण और पशुओं के चारे को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई हो।
गौठान प्रबंधन: आवारा घूम रहे पशुओं के लिए सुरक्षित चारे और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
“अगर आज हमने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ियां गौमाता को केवल किताबों में ही देख पाएंगी। यह हमारी संस्कृति और किसानी की रीढ़ है, इसकी रक्षा करना हम सबका सामूहिक दायित्व है।”
— योगेश साहू, जिला समरसता प्रमुख, विहिप

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