छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर हुई एफआईआर (FIR) से नाराज बघेल ने योगी आदित्यनाथ की धार्मिक और राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘ढोंगी’ तक कह डाला।
“दो पूर्णकालिक पदों पर एक व्यक्ति कैसे?”
दल्लीराजहरा जाते समय दुर्ग में मीडिया से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि महंत का पद और मुख्यमंत्री का पद, दोनों ही 24 घंटे की जिम्मेदारी वाले पूर्णकालिक (Full-time) पद हैं। उन्होंने सवाल उठाया:
“महंत भी 24 घंटे के लिए होता है और मुख्यमंत्री भी पूर्णकालिक होता है। एक ही व्यक्ति दोनों पदों पर एक साथ कैसे रह सकता है? यह संभव ही नहीं है।”
बघेल के हमले के 3 बड़े बिंदु:
योग और योग्यता पर सवाल: बघेल ने कहा, “योगी वह है जो एक पैर पर खड़ा रह सके। जो ऐसा नहीं कर सकता, वह किस बात का योगी? वह तो ढोंगी है।”
शास्त्रार्थ की चुनौती: पूर्व सीएम ने सीधे तौर पर शास्त्रार्थ की चुनौती देते हुए कहा कि धार्मिक मामलों में इस तरह की कार्रवाई निम्न स्तर की राजनीति है।
सर्टिफिकेट पर पलटवार: यूपी सरकार द्वारा प्रमाणिकता मांगे जाने पर बघेल ने तंज कसा, “वे दूसरों से सर्टिफिकेट मांग रहे हैं, लेकिन उनके पास खुद कौन सा सर्टिफिकेट है? पूरे उत्तर प्रदेश में उनकी थू-थू हो रही है।”
क्यों गरमाया है मामला?
हाल ही में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई को लेकर देशभर में संतों और राजनेताओं के बीच बहस छिड़ी हुई है। भूपेश बघेल ने इसे सीधे तौर पर सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया है। बघेल के इस बयान के बाद अब छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर प्रदेश तक सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।

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