कोरबा। आम जनता के ‘भोजन के अधिकार’ की रक्षा और पिछले तीन महीनों से लंबित राशन वितरण की मांग को लेकर आज युवा कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। खाद्य अधिकारी से मुलाकात करने पहुंचे कांग्रेसी नेता जब उनके चेंबर पहुंचे, तो अधिकारी को नदारद पाकर उनका आक्रोश बढ़ गया। इसके विरोध में सभी नेता और कार्यकर्ता अधिकारी के चेंबर में ही जमीन पर धरने पर बैठ गए।
अधिकारी के नदारद रहने पर बढ़ी नाराजगी
युवा कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि वे आम जनता की मूलभूत समस्याओं को लेकर विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपनी सीट से गायब हैं। नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण हजारों गरीब परिवारों को पिछले तीन महीने का राशन नहीं मिल पाया है।
इन प्रमुख नेताओं ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में मुख्य रूप से निम्नलिखित जनप्रतिनिधि और नेता शामिल रहे:
- मधुसूदन दास (नेता प्रतिपक्ष)
- विकास सिंह (जिलाध्यक्ष, युवा कांग्रेस)
- अनिल खुटे (जनपद सदस्य)
- हेमंत शाहनी (पार्षद)
- सरपंच जजमान, विनोद उर्रे, कमल किशोर चंद्रा, बबलू मारवा और खगेश बरेठ।
“हम पिछले 3 महीनों के राशन वितरण की जायज मांग लेकर आए थे। विभाग की लापरवाही से जनता भूखी रहने को मजबूर है। जब हम बात करने आए तो अधिकारी चेंबर से नदारद मिले, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर है।”— युवा कांग्रेस नेतृत्व
जमीन पर बैठकर जताया विरोध
अधिकारी की अनुपस्थिति से नाराज कांग्रेसी नेताओं ने चेंबर के भीतर ही जमीन पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक राशन वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की जाती और अधिकारी जवाब नहीं देते, उनका विरोध जारी रहेगा। इस घटना ने एक बार फिर खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

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