कटघोरा और कोरबा वनमंडल में 66 हाथियों का डेरा, ड्रोन कैमरे से रखी जा रही है पल-पल की नजर
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के जंगलों में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और हाथियों की गतिविधियों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
📌 मुख्य बिंदु: खबर से जुड़ी बड़ी बातें
- 66 हाथियों का दल सक्रिय: वर्तमान में कटघोरा और कोरबा वनमंडल को मिलाकर कुल 66 हाथी अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे हैं।
- कटघोरा (जटगा रेंज): जटगा परिसर में 18 हाथी सक्रिय हैं। इसके अलावा मेड़उड़ पहाड़ पर मौजूद 48 हाथियों के बड़े झुंड में से बीती रात 7 हाथी अलग होकर बासीन सर्किल पहुंच गए हैं और जंगल में डेरा डाले हुए हैं।
- कोरबा (करतला रेंज): करतला रेंज के कोई, बोड़ाझाप और नोनबिर्रा के जंगलों में 18 हाथी मौजूद हैं। इनमें से 10 हाथी कोई की पहाड़ियों पर घूम रहे हैं।
- आम की बाड़ी में उत्पात: बोड़ाझाप और नोनबिर्रा क्षेत्र में सक्रिय 8 हाथियों के दल ने तुर्रीकटरा में ग्रामीणों की ‘अमरैया बाड़ी’ (आम के बगीचे) में घुसकर भारी तबाही मचाई। हाथियों ने आम के पेड़ों को तोड़कर तहस-नहस कर दिया। बुधवार सुबह ग्रामीणों को जमीन पर हाथियों के पैरों के निशान और टूटे पेड़ मिले, जिसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया।
🛩️ ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बासीन वन परिसर में हाथियों के नए झुंड के पहुंचने के बाद वन विभाग ने अपनी निगरानी और तेज कर दी है। हालांकि इस झुंड ने अभी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उत्पात की आशंका को देखते हुए मैदानी अमला ड्रोन कैमरों की मदद से हाथियों की हर हरकत पर पैनी नजर रख रहा है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगलों की तरफ न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।

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