कोरबा: जिला खनिज न्यास मद (DMF) के बेहतर क्रियान्वयन से नगर पालिक निगम कोरबा ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जहाँ विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ नजर आ रहे हैं। वार्ड क्रमांक 51 स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय हाई स्कूल, स्याहीमुड़ी का परिसर अब न केवल सुरक्षित हो गया है, बल्कि एक सुंदर ‘ग्रीन जोन’ के रूप में तब्दील हो चुका है।
अतिक्रमण पर लगाम, पर्यावरण को मिला जीवन
स्याहीमुड़ी स्कूल से लगी हुई शासकीय भूमि लंबे समय से अवैध कब्जे की चपेट में थी। खुले परिसर के कारण न केवल जमीन पर अतिक्रमण का खतरा बढ़ रहा था, बल्कि परिसर में मौजूद पुराने वृक्ष और पौधे भी असुरक्षित थे। सुरक्षा के अभाव में विद्यालय की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही थीं।
20 लाख की लागत से हुआ कायाकल्प
नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन के अंतर्गत इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया।
- स्वीकृत राशि: ₹20 लाख (जिला खनिज मद से)
- निर्माण: 400 मीटर लंबी पक्की और मजबूत बाउंड्री वॉल।
- परिणाम: संपूर्ण स्कूल परिसर अब पूरी तरह घेरे में है, जिससे बाहरी हस्तक्षेप और अतिक्रमण की गुंजाइश खत्म हो गई है।
विकास को मिले नए पंख
निगम के इस कदम से अब विद्यालय के भीतर लगे वर्षों पुराने वृक्ष सुरक्षित हो चुके हैं, जिससे यह क्षेत्र एक मिनी ‘ग्रीन पॉकेट’ की तरह दिखाई देता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ऐसे निर्माण कार्यों से ही ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित शहर’ का सपना साकार होता है, जहाँ सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाए।
“यह कार्य केवल एक दीवार का निर्माण नहीं है, बल्कि शासकीय भूमि को भू-माफियाओं से बचाने और बच्चों को एक सुरक्षित, हरा-भरा वातावरण देने की प्रतिबद्धता है।” — निगम प्रशासन
प्रमुख लाभ एक नजर में:
- सुरक्षा: स्कूल परिसर अब पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित।
- पर्यावरण: पुराने वृक्षों का संरक्षण और कैंपस बना ग्रीन जोन।
- जमीन की सुरक्षा: बेशकीमती शासकीय भूमि अतिक्रमण से मुक्त।

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