कोरबा। ऊर्जा नगरी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में जल्द ही एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। शहरवासियों को आधुनिक, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी अगस्त माह से 40 इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन शुरू किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए दर्री स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में आवश्यक अधोसंरचना (Infrastructure) तेजी से विकसित की जा रही है।
पावर बैकअप तैयार, वर्कशॉप का काम प्रगति पर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बसों की चार्जिंग के लिए स्थापित किया जा रहा विद्युत सब-स्टेशन बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसके माध्यम से बसों को नियमित रूप से चार्ज किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, बसों के सुचारू रखरखाव व मरम्मत के लिए एक अत्याधुनिक वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- कुल बसें: 40 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक सिटी बसें।
- लॉन्चिंग समय: आगामी अगस्त माह (संभावित)।
- मुख्य केंद्र: दर्री प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर (चार्जिंग, पार्किंग और मेंटेनेंस हब)।
- सुविधाएं: तकनीकी जांच, त्वरित सर्विसिंग और तत्काल मरम्मत की व्यवस्था।
बढ़ते शहर को मिलेगी जाम और प्रदूषण से मुक्ति
वर्तमान में कोरबा शहर का भौगोलिक विस्तार लगातार बढ़ रहा है। शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों तक प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। इनमें स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, निजी व सरकारी कर्मचारी, स्थानीय व्यापारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से एक बेहतर और किफायती सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की मांग कर रहे थे।
इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन से शहर को निम्नलिखित फायदे होंगे:
- सस्ता और सुगम सफर: आम जनता को आवागमन के लिए एक बेहतरीन विकल्प मिलेगा।
- निजी वाहनों पर घटेगी निर्भरता: सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।
- पर्यावरण संरक्षण: शून्य कार्बन उत्सर्जन (Zero Emission) होने से शहर के प्रदूषण नियंत्रण में बड़ी मदद मिलेगी।
हरित ऊर्जा की दिशा में कोरबा का बड़ा कदम
इस शुरुआत के साथ ही कोरबा, छत्तीसगढ़ प्रदेश के उन प्रमुख चुनिंदा शहरों में शामिल होने जा रहा है जहां बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों का कमर्शियल संचालन किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण तथा हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने की नीति के तहत इस योजना पर तेजी से अमल किया गया है।
दर्री बस स्टैंड पर बन रहे हाईटेक वर्कशॉप के कारण बसों में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा आने पर तत्काल मौके पर ही समाधान किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों को बीच सफर में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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