कोरबा। शहर को भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बनाई गई योजनाएं अफसरों की अनदेखी की वजह से दम तोड़ रही हैं। सर्वमंगला चौक से तरदा की ओर बने नहर बायपास कुदुरमाल पुल के बंद होने से यह बाईपास फिलहाल किसी काम नहीं आ रहा है। नतीजतन, शहर के भीतर से भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है।
आऊटर में बने रिंग रोड के घुमावदार होने की वजह से भारी वाहनों के चालक शहर के बीच से उरगा की ओर गुजर रहे हैं। यही कारण है कि शाम ढलते ही एक तरफ CSEB चौक से स्टेडियम तिराहा तो दूसरी तरफ स्टेडियम तिराहा से TP नगर चौक तक ट्रेलरों और भारी वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं।
नो एंट्री खुलते ही बढ़ती है आफत
रात 10 बजे जैसे ही ‘नो एंट्री’ खुलती है, टीपी नगर चौक और सीएसईबी चौक से एक साथ भारी वाहनों का सैलाब उमड़ पड़ता है। जैसे-जैसे रात गहराती है, टीपी नगर के व्यावसायिक क्षेत्रों में भी मालवाहक वाहन मनमाने ढंग से खड़े होने लगते हैं। इस दौरान आम नागरिकों की आवाजाही भी जारी रहती है, जिससे हर समय भीषण जाम और गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
सड़क बनी ‘खुला गैरेज’, एक ही लेन पर ट्रैफिक का दबाव
स्टेडियम बायपास पर सिर्फ गाड़ियां ही खड़ी नहीं हो रही हैं, बल्कि सड़क किनारे चलने वाले गैरेज संचालक मुख्य मार्ग का इस्तेमाल मरम्मत कार्य के लिए कर रहे हैं।
- सड़क पर कई दिनों तक खड़े रहते हैं खराब वाहन
- वेल्डिंग और टायर रिपेयरिंग का काम बीच सड़क पर
- मजबूरन एक ही लेन से गुजरते हैं दोनों दिशाओं के वाहन
सड़क पर ही गैरेज संचालित होने के कारण आए दिन लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है और लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
अशोक वाटिका तक कब्जा, डिवाइडर भी बेअसर
नगर निगम ने स्टेडियम बायपास पर यातायात को सुगम बनाने के लिए टू-लेन सड़क के बीच बाकायदा डिवाइडर बनवाया था, ताकि दोनों दिशाओं से वाहन आसानी से गुजर सकें। लेकिन अधिकारियों की सुस्ती से यह योजना भी बेअसर साबित हो रही है। स्टेडियम के सामने से लेकर अशोक वाटिका तक बाईपास की पूरी एक लेन भारी वाहनों के अवैध कब्जे में रहती है। डिवाइडर बनने के बाद बची हुई सड़क और भी संकरी हो गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

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