कोरबा। क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन पुलिस कार्यशाला आयोजित की गई।
इस कार्यशाला में रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, एसडीओपी (SDOP) और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र “प्रिवेंटिव पुलिसिंग” और “गुंडा व निगरानी बदमाशों की चेकिंग” रहा।
मुख्य बिंदु: कार्यशाला के बड़े फैसले
- ‘एक गुंडा, एक जवान’ नीति: प्रत्येक सूचीबद्ध गुंडा-बदमाश पर एक समर्पित पुलिस जवान को जिम्मेदारी दी जाएगी, जो उसकी हर गतिविधि पर नजर रखेगा।
- SOP जारी: अपराधियों की सरप्राइज चेकिंग और निगरानी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है।
- डिजिटल रिकॉर्ड तालमेल: पारंपरिक ‘ग्राम अपराध नोटबुक’ के साथ-साथ अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस और मूवमेंट ट्रैकिंग अपडेट रखी जाएगी।
- सख्त वैधानिक कार्रवाई: संपत्ति और शरीर संबंधी अपराधों में लिप्त बदमाशों पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
“हमारा सीधा टारगेट बदमाशों पर होना चाहिए”
अपराध नियंत्रण के लिए इन विषयों पर जोर
- अपराधियों का सटीक वर्गीकरण: आदतन और सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उन्हें श्रेणियों में बांटना।
- सरप्राइज चेकिंग: गुंडा और निगरानी बदमाशों के ठिकानों पर बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक दबिश।
- मूवमेंट ट्रैकिंग: जेल से छूटे और पैरोल पर बाहर आए अपराधियों की दैनिक गतिविधियों पर नजर।
आईजी गर्ग ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस SOP का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

7974214821


