कोरबा (छत्तीसगढ़): ग्राम सोहागपुर स्थित ‘स्व. वैद्य नत्थूराम कौशिक गौधाम’ (पंजीयन क्र. 007) में गौवंशों की कथित बदहाली और देखभाल में लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और गौसेवकों का आरोप है कि गौशाला में पर्याप्त चारा-पानी न मिलने के कारण गौवंशों की लगातार मौतें हो रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

पत्रकारों और गौसेवकों के निरीक्षण में खुली बदहाली की पोल!
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौशाला में फैली अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने के बाद पत्रकारों और गौसेवा से जुड़े सदस्यों की एक टीम ने मौके का भौतिक निरीक्षण किया।
- चौकीदार का दावा: गौशाला के चौकीदार ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि यहां गौवंशों की लगातार मौत हो रही है और कुछ मृत मवेशियों को परिसर के आसपास ही दफनाया गया है।
- चारा-पानी का संकट: निरीक्षणकर्ताओं का दावा है कि मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा, हरा चारा और स्वच्छ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई।
प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग से प्रमुख मांगें
क्षेत्रवासियों और शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई की अपील की है:
- भौतिक सत्यापन और पोस्टमार्टम: पशु चिकित्सा विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर गौशाला में मौजूद गौवंशों की वास्तविक संख्या और हालिया मौतों का सत्यापन कराया जाए। जरूरत पड़ने पर मृत गौवंशों का पोस्टमार्टम हो।
- अनुदान के उपयोग की जांच: गौ संरक्षण के नाम पर शासन से मिलने वाली सहायता राशि, अनुदान और दान के पाई-पाई के खर्च का ऑडिट किया जाए।
- पंजीयन रद्द करने की चेतावनी: गौशाला के पंजीयन, मान्यता और संचालन संबंधी नियमों के उल्लंघन पर संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- तत्काल राहत: जांच पूरी होने तक गौशाला में मौजूद पशुओं के लिए भोजन, इलाज और सुरक्षित आश्रय की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
“हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को बदनाम करना नहीं, बल्कि बेज़ुबान गौवंशों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।”— शिकायतकर्ता एवं स्थानीय गौसेवक

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