बाराद्वार, छत्तीसगढ़ |
बाराद्वार: क्षेत्र के ग्राम पंचायत किरारी से गुरेराडीह के बीच खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन अब किसानों के लिए काल बन चुकी है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बार-बार शिकायत करने और ‘जनदर्शन’ जैसे बड़े मंचों पर अपनी समस्या रखने के बावजूद प्रशासन और बिजली विभाग (CSPDCL) मौन साधे बैठा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजेंद्र राठौर के खेत से लेकर शत्रुघ्न गौड़ के खेत तक बिजली के तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं। आलम यह है कि तार जमीन से महज 8 फीट की ऊंचाई पर आ गए हैं। इसके साथ ही बिजली का पोल भी बुरी तरह तिरछा हो चुका है, जो कभी भी धराशायी होकर किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दे सकता है।
“हम खेती करें या अपनी जान बचाएं? तार इतने नीचे हैं कि ट्रैक्टर चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर है। जनदर्शन में भी आवेदन दिया, लेकिन अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।”— वीरेंद्र राठौर, पीड़ित किसान
हादसे का इंतज़ार कर रहा प्रशासन?
किसानों का कहना है कि उन्होंने कनिष्ठ अभियंता (CSPDCL), वितरण केंद्र बाराद्वार को लिखित आवेदन देकर पोल सीधा करने और झूलते तारों को कसने की मांग की थी। आवेदन में स्पष्ट उल्लेख है कि खेती के समय किसानों को करंट लगने का डर सताता रहता है। इसके बावजूद, जनदर्शन में गुहार लगाने के बाद भी अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।
क्षेत्र के किसान एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है?

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