कोरबा | छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा घोषित 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। कोरबा जिले के जेंडर एनालिसिस (Gender Analysis) के आंकड़ों पर नजर डालें तो कला, विज्ञान और वाणिज्य, तीनों ही प्रमुख विषयों में छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले बड़ी बढ़त हासिल की है।
प्रमुख आंकड़े: एक नजर में
जिले में इस वर्ष कुल 9,517 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 9,448 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। बोर्ड द्वारा घोषित 9,436 परीक्षार्थियों के परिणामों में बालिकाओं का सफलता प्रतिशत 87.13% रहा, जबकि बालकों का आंकड़ा 77.87% पर सिमट गया।
संकायवार प्रदर्शन: कहां कितनी आगे रहीं बेटियां?
छात्राओं ने न केवल उत्तीर्ण प्रतिशत में बाजी मारी, बल्कि संकायवार विश्लेषण में भी लड़कों से काफी आगे रहीं:
संकाय (Stream) बालिकाओं का प्रतिशत बालकों का प्रतिशत अंतर (Gap)
- वाणिज्य (Commerce) 88.08% 76.99% 11.09%
- कला (Arts) 85.93% 76.44% 9.49%
- विज्ञान (Science) 87.44% 80.75%
प्रथम श्रेणी (First Division) में भी बेटियों का दबदबा
सिर्फ पास होने में ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण परिणाम लाने में भी लड़कियां अव्वल रहीं। प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या इस प्रकार है:
- विज्ञान: 1,757 बालिकाएं (बनाम 622 बालक)
- कला: 903 बालिकाएं (बनाम 400 बालक)
- वाणिज्य: 615 बालिकाएं (बनाम 365 बालक)
कृषि और ललित कला के रोचक आंकड़े
- कृषि संकाय: यहाँ भी बेटियों ने बाजी मारी। बालिकाओं का सफलता प्रतिशत 90.99% रहा, जबकि बालक 75.15% पर रहे।
- ललित कला (Fine Arts): इस छोटे संकाय में 1 बालक और 6 बालिकाओं ने परीक्षा दी थी और सभी ने 100% सफलता हासिल की।
निष्कर्ष
जिले के समग्र परिणामों का विश्लेषण स्पष्ट करता है कि शिक्षा के प्रति छात्राओं का रुझान और मेहनत रंग ला रही है। जहाँ बेटियों ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है, वहीं लड़कों के पिछड़ने पर अब शैक्षणिक स्तर पर चिंतन की आवश्यकता नजर आ रही है।

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