कोरबा | छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान मीडिया से रूबरू हुए। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के निवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले। सिंहदेव ने बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर, रेत के अवैध उत्खनन और कानून व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।

‘चुनाव खत्म होते ही खुला महंगाई का पिटारा‘
पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों पर घेरते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा:
“देश में डीजल-पेट्रोल का भाव बढ़ना पहले से ही निश्चित था। दुर्भाग्य की बात यह है कि जब चुनाव चल रहे थे, तब देश का नेतृत्व करने वाले लोग कह रहे थे कि कोई किल्लत नहीं है और कांग्रेस सिर्फ माहौल बना रही है। लेकिन चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए गए।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार अब थोड़ा-थोड़ा करके दाम बढ़ा रही है, जो जनता के साथ एक बड़ा छलावा है ताकि लोगों को एकाएक झटका महसूस न हो। सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति का कोई ठोस विकल्प नहीं ढूंढा और वे इस भरोसे बैठे रहे कि ईरान-इजराइल युद्ध 4-7 दिनों में खत्म हो जाएगा।
पीएम की अपील और काफिले पर कसा तंज
प्रधानमंत्री की अपील और दो गाड़ियों के काफिले के सवाल पर तंज कसते हुए पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब सिर्फ दिखावा है। अगर दो गाड़ियों से काम चल सकता है, तो यह हमेशा होना चाहिए, चाहे देश में युद्ध के हालात हों या सामान्य दिन।
“गड्ढे में पानी भरा है, यह कैसा सुशासन?”
राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम पर चुटकी लेते हुए सिंहदेव ने कहा कि प्रवास के दौरान उन्होंने खुद एक शिविर स्थल के पास देखा कि वहां बड़ा सा गड्ढा है और उसमें पानी भरा हुआ है। अगर बुनियादी व्यवस्थाएं ऐसी हैं, तो आखिर यह कैसा सुशासन है?
‘गद्दार’ वाले बयान पर पलटवार
नेता प्रतिपक्ष को ‘गद्दार’ कहे जाने के विवाद पर उन्होंने सख्त लहजे में कहा:
“जितना नेता प्रतिपक्ष को गद्दार कहा जाता है, यह उतना ही उचित है। अगर आप अपनी भाषा शैली का स्तर गिराओगे, तो सामने से भी वैसा ही जवाब मिलेगा। आपको अपनी भाषा का स्तर स्वच्छ और उच्च रखना चाहिए। जब आपने दूसरों को कहा तब तो ठीक था, अब कोई दूसरा कह रहा है तो चुभ रहा है।”
स्मार्ट मीटर और रेत माफिया पर उठाए सवाल
- स्मार्ट मीटर से बढ़ रहा बिजली बिल: सिंहदेव ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद यूनिट ज्यादा दिखा रहा है। जिन लोगों का बिल पहले 200 रुपये आता था, वह अब 500 रुपये तक आ रहा है। यह व्यवस्था वैकल्पिक है, लेकिन किसानों पर इसे लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इसे प्रीपेड में बदल दिया जाएगा।
- रेत का अवैध उत्खनन: उन्होंने कहा कि सरकारों को अवैध उत्खनन पर सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। पेशा (PESA) नियम के तहत गौण खनिज ग्रामसभा के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए इसका संचालन वहीं से होना चाहिए।
टेंडर विवाद पर बोले: बांकीमोंगरा में भाजपाइयों के बीच हुए टेंडर विवाद पर उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता व नियमों के हिसाब से होनी चाहिए।
इस प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

7974214821


