कोरबा | छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की हिंदी विषय की निरस्त परीक्षा शुक्रवार, 10 अप्रैल को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद रद्द की गई इस परीक्षा में जिले के 98 केंद्रों पर 9 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। अब शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती महज 48 घंटों के भीतर इन सभी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर परिणाम भेजने की है।
मूल्यांकन का ‘सुपरफास्ट’ शेड्यूल
बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य के लिए बेहद सख्त समय-सीमा (Deadlines) निर्धारित की है:
- 11 अप्रैल: सभी उत्तरपुस्तिकाओं को निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
- 13 – 14 अप्रैल: मूल्यांकनकर्ताओं को दो दिनों के भीतर सभी 9 हजार कॉपियों की जांच पूरी करनी होगी।
- 15 अप्रैल: विद्यार्थियों के प्राप्तांकों की फाइल और काउंटर फाइल रायपुर स्थित मंडल मुख्यालय में जमा करनी होगी।
क्यों दोबारा हुई परीक्षा?
गौरतलब है कि कक्षा 12वीं का हिंदी का पर्चा लीक होने के कारण मंडल ने इसे निरस्त कर दिया था। बोर्ड की साख बचाए रखने के लिए इस बार परीक्षा का आयोजन कड़े दिशा-निर्देशों और सुरक्षा के बीच किया गया। समन्वय संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा के तुरंत बाद कॉपियों को सुरक्षित जमा कर मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जाए।
शिक्षकों पर बढ़ा दबाव
जिले के मूल्यांकनकर्ताओं को दो दिनों के भीतर हजारों कॉपियां जांचने का जिम्मा सौंपा गया है। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, समय-सीमा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 15 अप्रैल तक हर हाल में डेटा मुख्यालय पहुंचना अनिवार्य है, ताकि परीक्षा परिणामों में देरी न हो।

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