कोरबा/सक्ती | सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुआ भीषण हादसा अब एक बड़े विवाद का रूप लेता जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 20 श्रमिकों की मृत्यु की खबर सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।
लापरवाही का गंभीर आरोप: प्लांट में नहीं थी एंबुलेंस?
अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इतने बड़े प्लांट में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी। श्री सिंह ने कहा, “मजदूरों की सुरक्षा के प्रति ऐसी उदासीनता आपराधिक लापरवाही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
प्रमुख मांगें:
अधिवक्ता धनेश सिंह ने राज्य सरकार और प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच कराई जाए।
- दोषियों पर कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
- सुरक्षा ऑडिट: भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
- बेहतर उपचार: घायल श्रमिकों को उच्च श्रेणी की चिकित्सा सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
शोक संवेदना व्यक्त की
अधिवक्ता श्री सिंह ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता जल्द से जल्द प्रदान की जाए।

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