कोरबा | शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मणबन तालाब मोहल्ला (वार्ड 12) में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। जेसीबी की टक्कर से पुरानी दीवार गिरने के कारण डेढ़ वर्षीय मासूम गणेश की मौत के बाद उपजा जनाक्रोश शनिवार देर रात करीब 3 बजे समझौते के बाद शांत हुआ।
मुख्य मार्ग पर 6 घंटे चला प्रदर्शन
हादसे से नाराज परिजनों और बस्तीवासियों ने शनिवार रात 9 बजे से कोतवाली के सामने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मकान मालिक विकास डालमिया को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। स्थिति को बिगड़ता देख तहसीलदार बजरंग साहू, वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल, भोलू यादव और पूर्व पार्षद सुफलदास महंत मौके पर पहुंचे। रात करीब 2 से 3 बजे के बीच मकान मालिक के प्रतिनिधि और पीड़ित पक्ष के बीच लिखित समझौते के बाद जाम खोला गया।
जेसीबी चालक पर FIR, वाहन जब्त
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त जेसीबी को जब्त कर लिया है। प्रार्थी मुकेश कर्ष की शिकायत पर पुलिस ने जेसीबी चालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। रविवार सुबह मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हादसे में घायल और नुकसान
दीवार गिरने से न केवल मासूम की जान गई, बल्कि वहां मोबाइल चला रहे संजू कर्ष और विशाल यादव भी मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। संजू का उपचार बिलासपुर और विशाल का बालको अस्पताल में जारी है। घटना में एक बाइक (CG 12 BF 0638) और एक ऑटो (CG 10 T 3245) भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
समझौते की मुख्य शर्तें (लिखित आश्वासन):
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए समझौते के अनुसार:
मृतक के परिजन को सहायता: मासूम के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही इंश्योरेंस क्लेम के लिए वकील की व्यवस्था भी की जाएगी।
घायलों का उपचार: घायल विशाल और संजू के इलाज का पूरा खर्च मकान मालिक उठाएगा। साथ ही दोनों को अगले एक साल तक 4-4 हजार रुपये प्रति माह चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
सुरक्षित निर्माण: शेष जर्जर दीवार को मजबूती से बनाया जाएगा और भविष्य में कार्य के दौरान सावधानी बरतते हुए हरा पर्दा (Green Net) लगाया जाएगा।
वाहनों की मरम्मत: क्षतिग्रस्त बाइक और ऑटो को बनवाने के लिए भी आर्थिक मदद का मौखिक आश्वासन दिया गया है।
सुरक्षा पर सवाल: अब भी मंडरा रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बाउंड्रीवॉल बिना कॉलम के बनाई गई थी, जो काफी ऊंची और कमजोर है। वर्तमान में भी दीवार के कई हिस्सों में बड़ी दरारें दिख रही हैं, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों पर खतरा मंडरा रहा है।

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