कोरबा | वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति में अब महीने भर से भी कम का समय शेष है। ऐसे में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रबंधन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी सिलसिले में सीएमडी हरीश दुहन ने एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शुमार गेवरा परियोजना का सघन दौरा किया।
चूंकि गेवरा खदान फिलहाल अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्य से पीछे चल रही है, इसलिए सीएमडी ने स्वयं माइन प्लान का बारीकी से अध्ययन किया और अधिकारियों को रणनीतिक निर्देश दिए।
ग्राउंड जीरो पर समीक्षा और माइन प्लान का जायजा
निरीक्षण के दौरान सीएमडी हरीश दुहन ने खदान के भीतर चल रहे कार्यों, भारी मशीनरी (Heavy Machinery) की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बचे हुए दिनों में उत्पादन की गति बढ़ाना अनिवार्य है ताकि वार्षिक लक्ष्य हासिल किया जा सके।
अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
सीएमडी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर उत्पादन की वास्तविक स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
उत्पादन में तेजी: वित्तीय वर्ष के शेष दिनों में शिफ्ट-वार मॉनिटरिंग कर कोयला उत्खनन बढ़ाना।
सुरक्षा सर्वोपरि: उत्पादन बढ़ाने के दबाव के बीच सुरक्षा मानकों (Safety Standards) से किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश।
मशीनरी मेंटेनेंस: मशीनों के ब्रेकडाउन को कम करने और उनकी अधिकतम उपयोगिता सुनिश्चित करने पर चर्चा।
मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान सीएमडी के साथ एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौजूद रही, जिनमें मुख्य रूप से:
- अरुण त्यागी, जीएम (गेवरा एरिया)
- पार्थ मुखर्जी, महाप्रबंधक (गेवरा परियोजना)
- रमेश सिंदूर, जीएम ऑपरेशन (बिलासपुर)
- नागेंद्र कुमार साहू, एरिया जीएम ऑपरेशन
- राकेश कुमार, खान प्रबंधन
इसके अलावा सिविल जीएम रवि चंद्रा और एक्सकैवेशन जीएम नागेंद्र झा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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