कोरबा। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी अक्षय तृतीया इस बार कोरबा सहित पूरे प्रदेश में विशेष उल्लास के साथ मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष अक्षय तृतीया पर सात महासंयोग बन रहे हैं, जो इसे धन प्राप्ति और दोष निवारण के लिए अत्यंत फलदायी बना रहे हैं। जहाँ एक ओर शहर में शादियों की भरमार रहेगी, वहीं दूसरी ओर भगवान परशुराम का प्राकट्योत्सव भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
इन सात शुभ संयोगों से बढ़ेगा महत्व
इस वर्ष अक्षय तृतीया पर ग्रहों की स्थिति बेहद खास है। पंचांग के अनुसार, इस दिन निम्नलिखित सात शुभ योग बन रहे हैं:
- आयुष्मान योग
- सौभाग्य योग
- गजकेसरी योग
- त्रि-पुष्कर योग
- रवियोग
- मालव्य राजयोग
- सर्वार्थसिद्धि योग
तिथि और शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, तृतीया तिथि का विवरण इस प्रकार है:
- तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल, सुबह 10:49 बजे से।
- तिथि समापन: 20 अप्रैल, सुबह 07:18 बजे तक।
- विशेष: ‘तत्व ग्रंथ’ के अनुसार, चूंकि 19 अप्रैल को मध्याह्न (दोपहर) व्यापिनी तिथि है, इसलिए मुख्य उत्सव इसी दिन मनाया जाएगा। वहीं, 20 अप्रैल को उदयकाल में तिथि होने से दान-पुण्य का महत्व रहेगा।
‘मिनी इंडिया’ कोरबा में विविध आयोजन
कोरबा को इसकी मिश्रित संस्कृति के कारण ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है। अक्षय तृतीया (अक्ती) के अवसर पर यहाँ विभिन्न प्रांतों की लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी:
- अक्ती और पुतरा-पुतरी विवाह: छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार बच्चों द्वारा गुड्डे-गुड़ियों (पुतरा-पुतरी) का विवाह रचाया जाएगा।
- धार्मिक आयोजन: ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
- नई शुरुआत: इस अबूझ मुहूर्त में नए व्यापार, गृह प्रवेश और रथ निर्माण जैसे कार्यों की शुरुआत होगी।
प्रशासन की पैनी नजर
अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, जिसमें बिना पंचांग देखे बड़े मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। भारी संख्या में होने वाले विवाह आयोजनों को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। विशेष रूप से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए निगरानी दल गठित किए गए हैं और समाज से भी जागरूक रहने की अपील की गई है।

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