कोरबा/चिरमिरी | छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन को नई गति मिलने वाली है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की दो महत्वपूर्ण खदानों—सराईपाली ओपनकास्ट माइंस और विजय वेस्ट माइंस—को केंद्र सरकार से उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आधिकारिक पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance) मिल गई है।
उत्पादन में होगा इजाफा: मुख्य बिंदु
इस मंजूरी के बाद अगले वित्त वर्ष में SECL के कुल कोयला उत्पादन में इन दोनों खदानों की हिस्सेदारी काफी बढ़ जाएगी। क्षमता विस्तार का विवरण इस प्रकार है:
खदान का नाम क्षेत्र (Area) वर्तमान क्षमता नई स्वीकृत क्षमता
- सराईपाली ओपनकास्ट कोरबा (पाली ब्लॉक) 1.96 मिलियन टन 2.10 मिलियन टन
- विजय वेस्ट (UG) चिरमिरी (पसान क्षेत्र) 0.60 मिलियन टन
बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी फोकस
SECL प्रबंधन केवल इन दो खदानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बड़े लक्ष्यों पर भी काम कर रहा है:
- गेवरा माइंस: 70 मिलियन टन सालाना उत्पादन के लिए खदान विस्तार का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
- कुसमुंडा खदान: 75 मिलियन टन सालाना प्रोडक्शन के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BoD) से हरी झंडी मिल चुकी है, अब अन्य विभागों से औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
बंद पड़ी खदानों को पुनर्जीवित करने की तैयारी
समाचार के अनुसार, SECL उन भूमिगत (Underground) खदानों को भी फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है जो पर्याप्त कोयला भंडार होने के बावजूद केवल ‘इनवायरमेंट क्लीयरेंस’ या तकनीकी बाधाओं के कारण बंद पड़ी थीं। इन खदानों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।
“पर्यावरणीय मंजूरी मिलने से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।” — SECL सूत्र

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