कोरबा | हिन्दू नव वर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार से जिले के शक्तिपीठों में ‘मनोकामना ज्योति कलश’ प्रज्वलित हो गए हैं। भक्ति का आलम यह है कि केवल स्थानीय नागरिक ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने भी मां सर्वमंगला के दरबार में अपनी आस्था की ज्योत जलवाई है।
🚩 सात समंदर पार तक माँ की महिमा
मां सर्वमंगला मंदिर के प्रबंधन ने बताया कि तकनीक और अटूट श्रद्धा के कारण दूर देशों में बसे भक्त भी इस पावन पर्व से जुड़ रहे हैं। जो भक्त व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाए, उनके नाम से मंदिर प्रबंधन द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। ये सभी कलश नवरात्रि के समापन पर हवन अनुष्ठान के बाद हसदेव नदी में विसर्जित किए जाएंगे।
🏛️ प्रमुख देवी दरबारों में उमड़ा जनसैलाब
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा:
- मां मड़वारानी: पहाड़ी पर स्थित प्राचीन और सिद्ध पीठ।
- मां कोसगाई व मां मातिन दाई: ऊँची पहाड़ियों पर विराजमान, जो श्रद्धा के साथ पर्यटन का भी केंद्र हैं।
- मां महिषासुर मर्दिनी व सिद्धि दात्री (देवपहरी): यहाँ जिले के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं।
- मां भवानी मंदिर (दर्री रोड): हसदेव तट पर स्थित यह मंदिर तेजी से लोगों की आस्था का केंद्र बना है।
💧 प्रशासन और मंदिर समितियों की तैयारी
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मंदिर समितियों ने विशेष इंतजाम किए हैं:
- पेयजल: सभी प्रमुख स्थानों पर ठंडे पानी की व्यवस्था।
- सुविधा: श्रद्धालुओं के लिए छायादार पंडाल और पार्किंग को व्यवस्थित किया गया है।
- भंडारा: पहले ही दिन से कई मंदिरों में सार्वजनिक भोग-भंडारे का आयोजन शुरू हो चुका है।
“भले ही भक्त शरीर से दूर हों, लेकिन मन से वे माँ के चरणों में ही हैं। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से आए अनुरोधों पर ज्योति प्रज्वलित करना गौरव की बात है।” –मंदिर प्रबंधन

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