कोरबा | जिले के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में अब जिले के 16 पीएम श्री (PM SHRI) विद्यालयों को अत्याधुनिक ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग ने इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण और मॉनीटरिंग पर जोर
सीईओ श्री नाग ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) को स्पष्ट किया कि शासन की मंशा इन स्कूलों को शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- प्रत्येक पीएम श्री विद्यालय का महीने में कम से कम दो बार अनिवार्य निरीक्षण किया जाए।
- निरीक्षण के दौरान स्कूल की अधोसंरचना (Infrastructure) और शैक्षणिक गतिविधियों की बारीकी से जांच हो।
- विद्यार्थियों के प्रदर्शन और परीक्षाफल में सुधार के लिए नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए।
“पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल स्कूल बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी इसे जिम्मेदारी से लें ताकि ये विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आदर्श केंद्र बन सकें।” > — दिनेश कुमार नाग, सीईओ जिला पंचायत
संतृप्ति बिंदुओं पर ध्यान
बैठक में जोर दिया गया कि योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी ‘सैचुरेशन पॉइंट्स’ (संतृप्ति बिंदुओं) को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसमें स्कूल की मरम्मत, शिक्षण सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे मानक शामिल हैं।
बैठक में प्रमुख उपस्थिति
समीक्षा बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय, डीएमसी समग्र शिक्षा वल्लभ वैष्णव, डीपीओ साक्षरता ज्योति शर्मा समेत सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

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