कोरबा | 20 मार्च, 2026
छत्तीसगढ़ की ऊर्जा धानी कोरबा के कोयला भंडारों ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले साल के कुल कोयला उत्पादन के आंकड़े को पार कर लिया है। कंपनी ने 167.7 मिलियन टन (MT) उत्पादन दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
कोरबा जिले का दबदबा: 75% कोयला यहीं से
इस रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन में कोरबा जिले की खदानों ने ‘बैकबोन’ की भूमिका निभाई है। कुल 167.7 MT उत्पादन में से अकेले 126.1 MT कोयला कोरबा की खदानों से निकला है, जबकि अन्य क्षेत्रों का योगदान 41.6 MT रहा।
तीन मुख्य मानकों में SECL नंबर वन
SECL, कोल इंडिया लिमिटेड की एकमात्र ऐसी अनुषंगी कंपनी बन गई है जिसने समान अवधि में इन तीनों मोर्चों पर बढ़त हासिल की है:
उत्पादन (Production): 167.7 MT (पिछले वर्ष से 6% अधिक)
ऑफटेक (Offtake): 171.3 MT (4.5% की वृद्धि)
ओवरबर्डन रिमूवल (OBR): 350 मिलियन क्यूबिक मीटर
मेगाप्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन (एक नजर में)
परियोजना का नाम उत्पादन (मिलियन टन में)
गेवरा परियोजना 51.7 MT
दीपका परियोजना 36.5 MT
कुसमुंडा परियोजना 30.7 MT
सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स 25.6 MT
रायगढ़ क्षेत्र 15.8 MT
ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध: सीएमडी हरीश दुहन
इस उपलब्धि पर SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा कि कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। उन्होंने बताया कि आने वाली गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए एक विशेष रणनीति तैयार की गई है, ताकि पावर प्लांट्स को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बता दें कि SECL देश की दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है और राष्ट्रीय उत्पादन में लगभग 20% की हिस्सेदारी रखती है।

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