जांजगीर-चांपा | प्रदेश में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनावों को फिर से शुरू कराने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) छत्तीसगढ़ ने इसके लिए चरणबद्ध प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय नवीन महाविद्यालय, सारागांव में NSUI कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप
हाल ही में रायपुर के राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने स्पष्ट किया कि छात्र संघ चुनाव न होना छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। संगठन का तर्क है कि चुनावों के अभाव में छात्रों की समस्याएं प्रशासन तक सही ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं और युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास रुक गया है।
सारागांव में सौंपा गया ज्ञापन
जिलाध्यक्ष के निर्देशानुसार, जिला सचिव अमन पाण्डेय की उपस्थिति में सारागांव महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:
- छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की तत्काल बहाली।
- नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए छात्र संघ चुनावों का आयोजन।
- छात्रों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक निर्वाचित मंच की आवश्यकता।
“छात्र संघ चुनाव छात्रों के सम्मान और उनके भविष्य की लड़ाई है। यदि शासन-प्रशासन जल्द ही चुनावों की बहाली पर निर्णय नहीं लेता है, तो NSUI पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।”— NSUI प्रतिनिधिमंडल
आगे की रणनीति
NSUI ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आने वाले दिनों में ब्लॉक और जिला स्तर पर बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान महाविद्यालय परिसर में भारी संख्या में छात्र और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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