जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़: निस्वार्थ भाव से बेजुबानों की सेवा में जुटे ‘गौ सेवा धाम हथनेवरा’ ने सेवा का एक और मानवीय उदाहरण पेश किया है। आज सुबह जब टीम बम्हिनडीह में घायल गौवंशों की सहायता में जुटी थी, तभी ग्राम कोसमंदा के मेन रोड पर एक दुर्घटना की सूचना मिली। एक भारी वाहन की टक्कर से एक गौ माता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। सूचना मिलते ही गौ सेवा धाम के गौसेवक तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

2.5 घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद बची जान
गौ माता की गंभीर स्थिति को देखते हुए 1962 की टीम और गौ सेवा धाम के गौसेवकों ने करीब 2.5 घंटे तक लगातार कड़ी मशक्कत की। इस दौरान एक पैर को अलग करने का जटिल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद गौ माता को सुरक्षित गौ सेवा धाम लाया गया, जहाँ अब विशेषज्ञों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।
5 वर्षों से जारी है सेवा का महायज्ञ
आज गौ सेवा धाम हथनेवरा अपनी स्थापना के 5 गौरवशाली वर्ष पूरे कर रहा है। इन पाँच वर्षों में हजारों घायल गौवंशों और निराश्रित बछड़ों को नया जीवन मिला है। वर्तमान में यहाँ 50 गौवंशों की निरंतर सेवा की जा रही है, जिनमें 18 बछड़े, 12 गौ माताएं और 20 घायल गौवंश शामिल हैं। खास बात यह है कि यहाँ उन 6 अनाथ बछड़ों को भी मां जैसा प्यार और पोषण दिया जा रहा है, जिनकी माताएं अब इस दुनिया में नहीं हैं। कहीं बोतल से दूध पिलाकर तो कहीं एक गौ माता द्वारा दो बछड़ों को स्तनपान कराकर उनकी ममता की कमी पूरी की जा रही है।
गौभक्तों से सहयोग की अपील
गौ सेवा धाम के गौसेवकों ने समस्त गौभक्तों से आग्रह किया है कि वे अपने सुख-दुख के मौकों (जैसे जन्मदिन या पुण्यतिथि) पर इस सेवा कार्य का हिस्सा बनें। गौवंशों के चारा, दवाई और अन्य आवश्यकताओं के लिए आपका सहयोग इन बेजुबानों के लिए बड़ा संबल बन सकता है।
- पता: गौ सेवा धाम, हथनेवरा, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़।
- संपर्क सूत्र: 8109264546, 9131784090

7974214821

