कोरबा | छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के अंतर्गत कार्यरत 33/11 केवी सब-स्टेशन ऑपरेटरों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले दो वर्षों से ईपीएफ (EPF) और ईएसआईसी (ESIC) की राशि जमा न होने के विरोध में जिले भर के ऑपरेटरों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने घंटाघर से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2024 में कोरबा जिले के उपकेन्द्रों के संचालन का जिम्मा जेबीएस इंटरप्राइजेज, मुंबई को दिया गया था। भुगतान संबंधी अनियमितताओं के कारण विभाग ने इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद:
- विभागीय भुगतान: कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने के बाद CSPDCL ने स्वयं 11 महीनों तक कर्मचारियों को वेतन दिया।
- कटौती पर जमा नहीं: इस अवधि के दौरान विभाग ने कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआईसी की राशि तो काटी, लेकिन उसे आज तक संबंधित खातों में जमा नहीं कराया गया।
- झूठे आश्वासन: कर्मचारियों का आरोप है कि उच्च अधिकारियों ने कई बार लिखित और मौखिक आश्वासन दिए, जो बाद में खोखले साबित हुए।
सामूहिक अवकाश पर कर्मचारी, थप हो सकता है काम
अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित सभी ऑपरेटर फिलहाल सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। बुधवार को निकाली गई रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के नाम तहसीलदार बजरंग साहू को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके हक का पैसा खातों में नहीं दिखा, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

“हमारे वेतन से पैसा काटा गया, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी वह हमारे ईपीएफ खातों में रिफ्लेक्ट नहीं हो रहा है। प्रशासन और विभाग केवल आश्वासन का खेल खेल रहे हैं।”— आंदोलनकारी कर्मचारी
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार बजरंग साहू ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगों को उचित माध्यम से शासन और संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द समस्या का निराकरण हो सके।

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