कोरबा |मंडल रेलवे प्रशासन यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब और भी सख्त और सक्रिय हो गया है। रेलवे ट्रैक पर होने वाली जानलेवा दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस मुहिम का प्राथमिक लक्ष्य लोगों को असुरक्षित व्यवहार के प्रति सचेत करना और उन्हें रेलवे सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है।
ट्रैक पर सेल्फी और घूमना पड़ेगा भारी
रेलवे प्रशासन ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे पटरियों पर बैठने, घूमने या सेल्फी लेने जैसी आत्मघाती गतिविधियों से दूर रहें। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों की रफ्तार बेहद तेज होती है और अचानक ट्रेन के आ जाने पर संभलने का मौका नहीं मिलता। यह न केवल जान जोखिम में डालना है, बल्कि रेलवे अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध भी है।
सुरक्षित विकल्पों के उपयोग की सलाह
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने निम्नलिखित सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराए हैं:
- स्टेशनों पर: फुट ओवरब्रिज (FOB), लिफ्ट और एस्केलेटर।
- आवागमन के लिए: रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और अंडरब्रिज (RUB)।
“हाल के दिनों में ट्रैक पार करते समय हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं ने सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए नागरिकों को निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करना चाहिए।” — मंडल रेलवे प्रशासन
मल्टी-प्लेटफॉर्म जागरूकता अभियान
रेलवे इस संदेश को हर नागरिक तक पहुँचाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर रहा है:
- अनाउंसमेंट: सभी स्टेशनों पर नियमित अंतराल में सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
- सोशल मीडिया: फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और अन्य प्लेटफार्मों पर ग्राफिक्स और वीडियो के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- जमीनी कार्रवाई: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और संरक्षा विभाग के कर्मचारी संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों का सहयोग भी इसमें अनिवार्य है।

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