कोरबा | बांकी मोंगरा शासन की योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर बांकी मोंगरा क्षेत्र में देखने को मिला। मंगलवार को जहां पूरे प्रदेश में ‘चावल उत्सव’ के तहत हितग्राहियों को राशन बांटा जाना था, वहीं बांकी मोंगरा की कई राशन दुकानें बंद रहीं। इसके कारण सैकड़ों कार्डधारियों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
तीन माह का एकमुश्त राशन मिलना था
राज्य सरकार की योजना के अनुसार, 7 अप्रैल को विशेष ‘चावल उत्सव’ का आयोजन कर हितग्राहियों को एकमुश्त तीन माह का राशन वितरित किया जाना था। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी न हो।
इन क्षेत्रों में रही अव्यवस्था
बांकी मोंगरा के निम्नलिखित क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया:
- शक्ति चौक
- इंदिरा नगर
- मोंगरा क्षेत्र
इन इलाकों की दुकानें बंद होने के कारण वृद्धों और मजदूरों को चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर घर जाना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि राशन वितरण को लेकर यहां पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वितरण की प्रक्रिया सुचारू नहीं की गई, तो वे उग्र प्रदर्शन और विरोध करने के लिए मजबूर होंगे।
“जब सरकार इसे उत्सव के रूप में मनाने की घोषणा करती है, तो अधिकारियों की लापरवाही की वजह से यह आम जनता के लिए परेशानी का सबब क्यों बन जाता है?” — एक स्थानीय ग्रामीण
जिम्मेदार अधिकारियों से मांग
अब ग्रामीणों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही पर संज्ञान लें और बंद दुकानों को खुलवाकर तुरंत राशन वितरण सुनिश्चित करें।

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