कोरबा | एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा खदान इन दिनों हादसों का केंद्र बनी हुई है। आलम यह है कि पिछले 24 घंटों के भीतर यहाँ तीन बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसने प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार सुबह एक और डम्पर अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा घुसा, जिसमें चालक की जान बाल-बाल बची।
लापरवाही या खराब प्रबंधन?
मिली जानकारी के अनुसार, कुसमुंडा खदान में कार्यरत नीलकंठ कंपनी का एक डम्पर बुधवार सुबह परिचालन के दौरान अनियंत्रित होकर किनारे के गड्ढे में जा फंसा। डम्पर का एक हिस्सा पूरी तरह गड्ढे में दब गया था। गनीमत रही कि ऑपरेटर समय रहते वाहन से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
कल भी हुए थे दो बड़े हादसे
कुसमुंडा खदान में हादसों का यह सिलसिला नया नहीं है। महज एक दिन पहले ही निजी कंपनी के दो डम्पर स्लाइड होकर गहरी खाई में जा गिरे थे। लगातार हो रही इन घटनाओं से खदान में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच भय और आक्रोश का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है, जिसके कारण आए दिन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
ताजा घटना के बाद मौके पर कर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रारंभिक तौर पर इसे चालक की लापरवाही बताया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रहे हादसों ने तकनीकी खामियों और असुरक्षित रास्तों की ओर भी इशारा किया है। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों द्वारा हादसे के सटीक कारणों की विवेचना की जा रही है।
मुख्य बिंदु:
- हादसा: डम्पर अनियंत्रित होकर गड्ढे में फंसा।
- स्थान: नीलकंठ कंपनी कार्यक्षेत्र, कुसमुंडा खदान।
- स्थिति: ऑपरेटर सुरक्षित, वाहन क्षतिग्रस्त।
- पूर्व घटना: 24 घंटे पहले दो डम्पर खाई में गिरे थे।

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