कोरबा | एनटीपीसी (NTPC) कोरबा में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब सैकड़ों की संख्या में ठेका श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। काम के घंटों में विसंगति और वेतन विसंगति से नाराज मजदूरों ने प्लांट के गेट नंबर 2 पर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रमुख मांगें और आक्रोश की वजह
प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधन और ठेका कंपनियों की ‘सांठगांठ’ के चलते उनका शोषण किया जा रहा है। श्रमिकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- 8 घंटे की शिफ्ट: काम के घंटों को सख्ती से 8 घंटे निर्धारित किया जाए।
- ओवरटाइम (OT) भुगतान: निर्धारित समय से अधिक काम करने पर नियमानुसार ओटी दिया जाए।
- न्यूनतम वेतन: सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान का पूर्णतः पालन हो।
- केंद्रीयकृत वेतन दर: सभी ठेका श्रमिकों के लिए एक समान और पारदर्शी वेतन व्यवस्था लागू हो।
घंटों बनी रही गहमा-गहमी
सुबह से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण प्लांट के प्रवेश द्वार पर लंबी कतारें लग गईं और आवाजाही ठप हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच काफी देर तक बहस और गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही।
“मैनेजमेंट और ठेकेदार मिलकर मजदूरों का हक मार रहे हैं। न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही काम के घंटे तय हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा।” – प्रदर्शनकारी श्रमिक
अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही एनटीपीसी प्रबंधन के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से लंबी चर्चा की। घंटों चली वार्ता के बाद, प्रबंधन द्वारा मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और समस्याओं के निराकरण का ठोस आश्वासन दिया गया, जिसके बाद श्रमिक शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया गया।

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