कोरबा | जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण में लापरवाही और अनियमितता बरतने वालों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने विभिन्न सोसायटियों की जांच की, जिसमें भारी मात्रा में खाद्यान्न की हेराफेरी और हितग्राहियों को राशन न देने के मामले सामने आए हैं।
🛑 इन सोसायटियों पर गिरी गाज
जांच के बाद प्रशासन ने मुख्य रूप से तीन ग्राम पंचायतों की उचित मूल्य दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की है:
- ग्राम पटपरा (पाली): यहाँ ‘महिला जागृति स्व सहायता समूह’ ने जनवरी 2026 में 422 कार्डधारियों का बायोमेट्रिक सत्यापन तो कराया, लेकिन उन्हें राशन नहीं दिया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एसडीएम पाली के निर्देशानुसार दुकान संचालकों के खिलाफ पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई गई है।
- ग्राम कोरकोमा: ‘मां अन्नदात्री महिला स्व सहायता समूह’ द्वारा संचालित दुकान में 197.45 क्विंटल चावल और 22.82 क्विंटल नमक का गबन पाया गया। यहाँ लगभग 435 परिवारों को राशन से वंचित रखा गया था।
- ग्राम खोड्डल: ‘गुरु घासीदास महिला स्व सहायता समूह’ ने 334.98 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल शक्कर की हेराफेरी की। साथ ही दुकान समय पर न खोलने की शिकायत भी सही पाई गई।
“अनियमितता और खाद्यान्न के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।”— प्रशासनिक वक्तव्य
📦 बैकलॉग वितरण की क्या है तैयारी?
खाद्य अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन हितग्राहियों को जनवरी, फरवरी या मार्च का राशन नहीं मिल पाया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है:
- अनुमति का इंतजार: मार्च माह के अवितरित राशन को अप्रैल में बांटने के लिए खाद्य संचालनालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
- ई-पॉस मशीन अपडेट: अनुमति मिलते ही ई-पॉस मशीनों में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।
- शीघ्र वितरण: अनुमति प्राप्त होते ही इसी माह (अप्रैल) में बैकलॉग राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य राशन दुकान संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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