कोरबा | 14 अप्रैल, 2026
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के मध्य में ही सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सड़कों पर पसरा सन्नाटा, 42 के पार जाएगा पारा
जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू चुका है। दोपहर होते ही गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। मौसम विभाग की चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी है; विभाग के अनुसार 15 अप्रैल के बाद तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जिससे हीटवेव का खतरा और गहरा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन: 12 से 4 बजे तक रहें सावधान
बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एस एन केशरी ने आमजन के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दोपहर 12:00 से 4:00 बजे के बीच धूप सबसे घातक होती है, अतः इस दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
गर्मी और लू से बचाव के ‘गोल्डन रूल्स‘
डॉक्टरों ने हीट स्ट्रोक (तापघात) से बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- हाइड्रेशन है जरूरी: पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS) घोल, छाछ, लस्सी, नींबू पानी और आम पना जैसे तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।
- खाली पेट न निकलें: कभी भी खाली पेट तेज धूप में बाहर न जाएं।
- सही पहनावा: हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे।
- सुरक्षा कवच: बाहर निकलते समय सिर को टोपी, छतरी या सूती गमछे से जरूर ढकें।
- तापमान का संतुलन: कूलर या एसी की ठंडी हवा से निकलकर तुरंत तेज धूप में न जाएं। शरीर के तापमान में अचानक बदलाव तापघात का कारण बन सकता है।
- विशेष सावधानी: बुजुर्गों और बच्चों का इस मौसम में विशेष ख्याल रखें, क्योंकि उनमें डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे अधिक होता है।

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