कोरबा (छत्तीसगढ़)। राष्ट्रीय कॉलरी वर्कर्स फेडरेशन के वरिष्ठ नेता प्रो. भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर कुसमुंडा के महतारी अंगना (कबीर चौक) में ‘ठेका मजदूर महासभा’ का विशाल आयोजन संपन्न हुआ। इस महासभा में एसईसीएल (SECL) और विभिन्न कोयला खदानों में कार्यरत भारी संख्या में ठेका श्रमिकों, मजदूर प्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता का शंखनाद किया।
मंच पर उपस्थित प्रमुख अतिथियों और श्रमिक नेताओं ने एक सुर में कहा कि कोयला खदानों की मुख्य और अनिवार्य गतिविधियों—जैसे ड्रिलिंग, ब्लास्टिंग, डम्पर संचालन, रूफ बोल्टिंग और कोयला उत्खनन में रात-दिन काम करने वाले ठेका मजदूर ही इस पूरे उद्योग की असली रीढ़ हैं। नेताओं ने आह्वान किया कि अब वक्त आ गया है जब सभी मजदूरों को एक मंच पर आकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा।
📋 महासभा में पारित हुए 3 मुख्य प्रस्ताव
बैठक के दौरान सभी श्रमिक संगठनों और मजदूरों की सहमति से तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई:
- नियमितीकरण और धारा 57 का क्रियान्वयन: खदानों में बरसों से काम कर रहे ठेका श्रमिकों को नियमित किया जाए।
- श्रम कानूनों में विधिक संशोधन की मांग: मजदूरों के हितों को ध्यान में रखकर श्रम कानूनों में जरूरी कानूनी बदलाव किए जाएं।
- एनसीडब्लयूए (NCWA) 4 की कण्डिका 11.5.1 का स्मरण: वेतन और सुविधाओं से जुड़ी इस पुरानी कंडिका को पूरी तरह लागू करने की मांग दोहराई गई।
📊 जून से अगस्त तक चलेगा डेटा संग्रह अभियान, फिर होगा ‘घेराव’
महासभा को संबोधित करते हुए प्रो. भागवत प्रसाद दुबे ने एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा की घोषणा की।
- आंकड़े जुटाने की मुहिम: जून से लेकर अगस्त के बीच खदानों में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों का एक विस्तृत डेटा (आंकड़े) इकट्ठा किया जाएगा।
- मुख्यालय का घेराव: डेटा संग्रह अभियान पूरा होने के बाद, मजदूरों के हक में एक विशाल मांग पत्र तैयार किया जाएगा। इसके बाद अपनी मांगों को मनवाने के लिए एसईसीएल सीएमडी (SECL CMD) मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
📜 ‘कुसमुंडा घोषणा-पत्र’ जारी: क्या हैं प्रमुख मांगें?
ऊर्जाधानी कोयला मजदूर संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा, “मजदूरों के हक की यह तो सिर्फ शुरूआत है। आगे इस लड़ाई को और पैना और तेज करने के लिए हम सबको अपनी कमर कसनी होगी।” महासभा में सर्वसम्मति से ‘कुसमुंडा घोषणा-पत्र’ जारी किया गया, जिसमें ‘स्थायी कार्य के लिए स्थायी रोजगार’ और ‘समान कार्य, समान वेतन, समान सम्मान’ के सिद्धांतों को बुलंद किया गया।
घोषणा-पत्र के अनुसार हर ठेका श्रमिक को निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से मिलनी चाहिए:
- आधिकारिक नियुक्ति पत्र (Appointment Letter)
- हर महीने की वेतन पर्ची (Salary Slip)
- रोजगार कार्ड (Employment Card)
- सामाजिक सुरक्षा (Provident Fund/ESIC)
- रहने के लिए आवास और बेहतर चिकित्सा (Medical) सुविधा
मंच पर ये रहे मौजूद:
महासभा में प्रमुख अतिथि के रूप में प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे, मोहम्मद नासिर खान, भावेन्द्र तिवारी, सपुरन कुलदीप, सीकेएस के अतुल दास महंत, उमा गोपाल, गोंडवाना से गणेश सिंह ऊईके और अनुसुईया राठौर उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक पटेल, गोविंदा सारथी, विनोद सारथी, संतोष चौहान, ललित महिलांगे, प्रकाश जायसवाल, महावीर यादव, अजय सिंह ठाकुर सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।

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