कोरबा | मुख्य संवाददाता दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड पर अधोसंरचना विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अकलतरा रेलवे स्टेशन यार्ड को चौथी लाइन से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है। इस विकास कार्य के बाद अब चारों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी गति के साथ हो सकेगी, जिससे रेल यातायात अधिक सुगम और समयबद्ध होगा।
नॉन-इंटरलॉकिंग के बीच हुए 10 महत्वपूर्ण कार्य
रेलवे प्रशासन द्वारा अकलतरा यार्ड में नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) के दौरान सुरक्षा और विस्तार से संबंधित 10 अलग-अलग तरह के काम पूरे किए गए। सबसे खास बात यह रही कि इस भारी-भरकम काम के दौरान किसी भी ट्रेन को रद्द नहीं किया गया। परिचालन को सुचारू रखने के लिए ट्रेनों को स्टेशन से 5 किलोमीटर पहले और बाद में धीमी गति से चलाया गया।
मुख्य तकनीकी उपलब्धियां:
- लाइन नवीनीकरण: लगभग 394.89 मीटर पुरानी रेल लाइन को बदलकर नई लाइन बिछाई गई।
- फुटओवर ब्रिज (FOB): अकलतरा स्टेशन पर एक नए फुटओवर ब्रिज की लॉन्चिंग की गई, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।
- गर्डर लॉन्चिंग: सक्ती-बाराद्वार के बीच समपार 324 में 2 आरएच गर्डरों की लॉन्चिंग और राबर्टसन-खरसिया के बीच गर्डरों की डी-लॉन्चिंग का काम पूरा हुआ।
- आधुनिक स्विच प्रणाली: यार्ड की क्षमता बढ़ाने के लिए 8 नंबर ‘टीटीआर थीक वेब स्विच’ और डब्ल्यूसीएमएस क्रॉसिंग इंसर्शन का कार्य किया गया।
- मेंटेनेंस: 27 पुराने ग्लू जॉइंट्स का नवीनीकरण और रेल लाइन पर 60 एटी वेल्ड्स किए गए।
अंतिम चरण में है चौथी लाइन का विस्तार
बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक चौथी लाइन का निर्माण पहले ही पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में रेलवे का मुख्य फोकस सभी स्टेशन यार्डों को इस चौथी लाइन से जोड़ने पर है। अकलतरा में यह काम पूरा होने के बाद अब इस रूट पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की क्रॉसिंग में होने वाली देरी कम होगी।
“यह कार्य रेल सुरक्षा और परिचालन गति बढ़ाने के लिए अनिवार्य था। अब अकलतरा यार्ड से गुजरने वाली ट्रेनें बिना किसी बाधा के अपनी निर्धारित गति से सफर तय कर सकेंगी।” – रेलवे आधिकारिक सूत्र
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
कार्य का विवरण मात्रा/स्थिति
- रेल लाइन नवीनीकरण 394.89 मीटर
- ग्लू जॉइंट्स नवीनीकरण 51 नग
- नए फुटओवर ब्रिज 1 (अकलतरा स्टेशन)
- ट्रेन कैंसिलेशन शून्य

7974214821

