कोरबा/कटघोरा: छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों को रोशन करने वाला कोरबा जिला इन दिनों खुद अंधेरे में डूबने को मजबूर है। गर्मी की शुरुआत होते ही कटघोरा नगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। विडंबना यह है कि जिस जिले से पूरे देश को बिजली मिलती है, वहां के नागरिक आज बूंद-बूंद राहत और निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए तरस रहे हैं।
अघोषित कटौती से जनता बेहाल
दिन हो या रात, कटघोरा में अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हर कुछ घंटों में बिजली गुल हो जाती है। इस समस्या ने न केवल घरेलू कामकाज को प्रभावित किया है, बल्कि व्यापार, छात्रों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बुरा असर डाला है।
मेंटेनेंस के दावे खोखले, जनता में भारी आक्रोश
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिजली विभाग अक्सर ‘मेंटेनेंस’ के नाम पर घंटों बिजली बंद रखता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि:
- बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है।
- कासनिया में नया सब-स्टेशन बनने के बाद उम्मीद थी कि समस्या दूर होगी, लेकिन हालात पहले से भी ज्यादा बदतर हो गए हैं।
- शहरी इलाकों का यह हाल है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों तक बिजली का नामोनिशान नहीं रहता, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
“हमें उम्मीद थी कि नया सब-स्टेशन बनने से राहत मिलेगी, लेकिन अब तो कटौती और भी बढ़ गई है। विभाग सिर्फ बहानेबाजी कर रहा है।” – एक स्थानीय नागरिक
आंदोलन की चेतावनी
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज कटघोरा के लोगों ने अब चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि भीषण गर्मी के चरम पर पहुंचने से पहले विभाग सुधरता है या जनता को इसी तरह अंधेरे में दिन काटने पड़ेंगे।

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