ब्यूरो रिपोर्ट, कोरबा (छत्तीसगढ़)
23 मई, 2026
कोरबा। गांव की गलियों में साइकिल चलाना सीख रही एक मासूम की जिंदगी एक छोटी सी लापरवाही की वजह से खत्म हो गई। कोरबा के रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम मुढ़ूनारा में 16 वर्षीय किशोरी की साइकिल से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
15 मई को साइकिल चलाते वक्त पैर की एड़ी में आई थी चोट, परिजनों ने मामूली समझकर किया नजरअंदाज, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम मुढ़ूनारा निवासी चनेश राम राठिया (पेशा- खेती-किसानी) की 16 वर्षीय पुत्री चंद्रमुखी राठिया बीती 15 मई की शाम करीब 4 बजे गांव की ही एक गली में रेंजर साइकिल चलाना सीख रही थी। इसी दौरान अचानक साइकिल अनियंत्रित हो गई और चंद्रमुखी सड़क पर जोर से गिर पड़ी। इस हादसे में उसके दाएं पैर की एड़ी में गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं।
परिजन समझ बैठे मामूली चोट, बिगड़ती गई स्थिति
हादसे के बाद चंद्रमुखी ने घर पहुंचकर चोट की जानकारी अपने माता-पिता को दी। लेकिन चोट बाहर से ज्यादा गंभीर न दिखने के कारण परिजनों ने इसे मामूली मोच या दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया और घरेलू स्तर पर ही रहने दिया।
- 2 दिन बाद पैर में आई सूजन: दो दिनों के बाद चंद्रमुखी के पैर में तेज सूजन आने लगी और उसे चलने-फिरने में असहनीय तकलीफ होने लगी।
- अस्पताल में तोड़ा दम: जब स्थिति हाथ से बाहर होने लगी और किशोरी की हालत बेहद बिगड़ गई, तब जाकर परिजनों ने उसे 21 मई की शाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसी रात करीब 9:30 बजे उपचार के दौरान चंद्रमुखी ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर अस्पताल पुलिस ने शुक्रवार (22 मई) की सुबह परिजनों की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर वैधानिक कार्रवाई पूरी की। पुलिस का कहना है कि मौत की असली और सटीक वजह पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की चोटों को लेकर सतर्क रहने की बड़ी चेतावनी दी है।

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