कोरबा | छत्तीसगढ़ में आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करने के लिए इन दिनों ‘सुशासन तिहार’ के तहत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में जहां एक तरफ लोग पानी, बिजली, सड़क और राशन कार्ड जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ बेहद अजीबोगरीब और रोचक आवेदन भी सामने आ रहे हैं।
ऐसा ही एक दिलचस्प मामला कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा से सामने आया है, जिसने प्रशासनिक अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। यहाँ एक शिविर में शराब दुकानों के भीतर मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री की तस्वीर लगाने की मांग की गई है।
शिविर में पहुंचा अनोखा मांग पत्र
राज्य सरकार के निर्देशानुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सुशासन तिहार’ शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 21 मई को नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के शांतिनगर सामुदायिक भवन में एक शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में मौजूद अधिकारियों को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने एक अनोखा मांग पत्र अधिकारियों को सौंप दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने तर्क में क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने अपनी इस अनोखी मांग के पीछे एक दिलचस्प तर्क भी दिया है। आवेदन में उन्होंने लिखा है कि:
“जब राज्य सरकार के समस्त विकास कार्यों, योजनाओं और सरकारी बोर्डों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों की तस्वीरें लगाई जाती हैं, तो सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व (कमाई) देने वाली शराब दुकानों में उनकी तस्वीरें क्यों नहीं होनी चाहिए? इस योजना (शराब बिक्री) से सरकार को भारी राजस्व मिलता है, इसलिए यहाँ भी राज्य के मुख्यमंत्री व आबकारी मंत्री की फोटो अनिवार्य रूप से लगाई जाए।”
सोशल मीडिया पर बटोरा सुर्खियां
नेता प्रतिपक्ष द्वारा सुशासन शिविर में दिया गया यह आवेदन अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेटिजन्स इस मांग पत्र को लेकर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं और मजे ले रहे हैं। कुछ लोग इसे तंज के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे एक अनोखा विरोध प्रदर्शन मान रहे हैं।
फिलहाल, इस अनोखे आवेदन पर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है या इसे सिर्फ एक राजनीतिक तंज मानकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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