कोरबा। छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला और यहाँ के जंगल जैव विविधताओं से परिपूर्ण हैं। इन घने जंगलों में न सिर्फ दुर्लभ पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियाँ मौजूद हैं, बल्कि कई अनोखे जीव-जन्तु भी निवास करते हैं। इसी कड़ी में दुनिया का सबसे विषैला और विशाल सांप ‘किंग कोबरा’ भी यहाँ पाया जाता है, जिनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाल ही में वन विभाग के अधिकारियों और रेस्क्यू टीम ने एक बार फिर एक विशालकाय किंग कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू करने में सफलता हासिल की है।
घर में घुसा सांप, फूंफकार सुनकर उड़े ग्रामीणों के होश
यह पूरा मामला कोरबा वनमंडल के पसरखेत वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुदूर वनांचल और आदिवासी बाहुल्य ग्राम छुईढोड़ा का है। रोज़ की तरह ग्रामीण अपने दैनिक कामकाज में व्यस्त थे, तभी अचानक एक भारी-भरकम और करीब 11 फीट लंबा किंग कोबरा (स्थानीय भाषा में ‘पहाड़ चित्ती’) एक ग्रामीण के मकान के भीतर घुस गया।
घर के अंदर बैठे लोगों की नज़र जैसे ही इस विशालकाय सांप पर पड़ी और उसकी खतरनाक फूंफकार सुनाई दी, तो डर के मारे उनकी चीख निकल गई। लोग तुरंत जान बचाकर घर से बाहर की ओर भागे। देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई और सांप को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
वन विभाग की मुस्तैदी: सीनियर अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ (DFO) प्रेमलता यादव ने तुरंत रेस्क्यू टीम को मौके के लिए रवाना किया।
यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख अरुण पांडे के निर्देश, मुख्य वन संरक्षक (बिलासपुर) मनोज पाण्डेय के मार्गदर्शन और उप वनमण्डलाधिकारी (दक्षिण) आरएस राठिया के नेतृत्व में चलाया गया।
पूरी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के साथ रेस्क्यू, प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया
रेस्क्यू टीम में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के सदस्य जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन शामिल थे। उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 11 फीट लंबे किंग कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद सांप का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक निरीक्षण किया गया। इसके बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए और पंचनामा तैयार कर किंग कोबरा को उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास (सुरक्षित वन क्षेत्र) में छोड़ दिया गया।
रेस्क्यू के दौरान ये रहे उपस्थित
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी (पसरखेत) देवदत खांडे, डिप्टी रेंजर गुलाब सिंह, हरिनारायण बंजारे, पंकज कुमार, कृष्ण कुमार सहित ग्राम सरपंच किशन कुमार राठिया, कैलाश राठिया, संतोष कुमार यादव, खगेश कुमार राठिया, सूरज भान राठिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वन विभाग ने ग्रामीणों को वन्यजीवों को नुकसान न पहुँचाने और सतर्क रहने की अपील की है।

7974214821


