कोरबा। कटघोरा वनमंडल के सलिहाभांठा जंगल में उस वक्त एक बेहद खूबसूरत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जब 15 हाथियों का एक विशाल झुंड अचानक स्थानीय जलाशय में जा पहुंचा। इस झुंड में नन्हे ‘बेबी एलीफेंट’ भी शामिल थे। हाथियों ने जलाशय में उतरकर न सिर्फ काफी देर तक जलक्रीड़ा की, बल्कि खुद पर मिट्टी और पानी के फव्वारे उड़ाकर प्राकृतिक स्नान का आनंद लिया। इस विहंगम नजारे को देखने के लिए जलाशय के दूसरे छोर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
चिंघाड़ सुनकर पहुंचे ग्रामीण, कैमरे में कैद किया नजारा
दरअसल, हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण कौतूहलवश जलाशय के करीब पहुंचे थे। वहां का नजारा देख लोग मंत्रमुग्ध हो गए। कुछ हाथी सूंड में पानी भरकर खुद के ऊपर फव्वारे मार रहे थे, तो कुछ तट पर आकर मिट्टी उड़ा रहे थे। हाथियों के प्राकृतिक स्नान का ऐसा अनूठा नजारा बिरले ही देखने को मिलता है। ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी (जलाशय के दूसरे तट) पर खड़े होकर इस खूबसूरत दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया। काफी देर तक अठखेलियां करने के बाद हाथियों का यह झुंड सड़क पार कर जंगल के दूसरे छोर की ओर रवाना हो गया, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ छंटी।
“जंगल में हाथियों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन और पानी उपलब्ध है, यही वजह है कि हाथियों ने यहां लंबे समय से डेरा डाला हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वन कर्मी और हाथी मित्र दल के सदस्य लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं।”— वन विभाग, कोरबा
दहशत के बीच सुकून के कुछ पल
गौरतलब है कि कटघोरा वनमंडल के इस इलाके में हाथियों के अलग-अलग झुंड पिछले लंबे समय से सक्रिय हैं। आए दिन आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों के पहुंचने से खेती-किसानी और मकानों को भारी नुकसान हो रहा है। हाथियों के हमले में जान-माल की क्षति के कारण ग्रामीण अक्सर दहशत के साए में जीने को मजबूर रहते हैं। लेकिन इन तमाम दिक्कतों और डर के बीच, प्रकृति के इस खूबसूरत नजारे ने न सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का भी दिल जीत लिया।

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