कोरबा | जिले के पाली विकासखंड के ग्राम करतली में एसईसीएल (SECL) एप्रोच रोड के सीमांकन के दौरान भारी हंगामा हो गया। एक स्थानीय किसान ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) रोहित सिंह पर पद का दुरुपयोग करने, जान से मारने की धमकी देने और थाने में बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन और कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
शांतिपूर्ण विरोध पर भड़के अधिकारी: पीड़ित किसान का दावा
पीड़ित किसान पीतांबर सिंह भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ थाना पहुंचा और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार:
- बिना मुआवजे के निर्माण का विरोध: 24 जून को ग्राम करतली में एसईसीएल के एप्रोच रोड के लिए सीमांकन का कार्य चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन सड़क निर्माण से प्रभावित हो रही है, लेकिन उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
- एसडीएम पर अभद्रता का आरोप: किसान अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे थे। इसी बीच एसडीएम रोहित सिंह ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के जबरन काम शुरू कराने का प्रयास किया। जब ग्रामीणों ने इसका आग्रह किया, तो अधिकारी आग बबूला हो गए।
- थाने में बनाया बंधक: आरोप है कि एसडीएम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसान को जान से मारने की धमकी दी और पुलिस के जरिए उसे थाने में बंधक बनवा दिया।
💬 “आरोप बेबुनियाद, किसान ने की थी अभद्रता” — एसडीएम रोहित सिंह
दूसरी ओर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रोहित सिंह ने किसान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा:
“राजस्व अमले ने 4-5 घंटे लगाकर जमीन की नापजोख की थी और ग्रामीणों की हर शंका का समाधान किया गया। मुआवजे को लेकर भी सकारात्मक बातचीत चल रही थी। इसी बीच पीतांबर सिंह अचानक आवेश में आ गया और उसने ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों से अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग शुरू कर दिया।”
एसडीएम ने आगे बताया कि समझाइश देने पर भी पीतांबर उग्र हो रहा था, जिसे उसकी मां और अन्य ग्रामीणों ने भी देखा। शाम को कार्रवाई पूरी होने के बाद, पीतांबर की मां के आग्रह पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्होंने मौके पर ही थाना प्रभारी को निर्देश देकर उसे तुरंत छोड़ने के आदेश दिए थे।
⚡ आगे क्या? ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन विकास के नाम पर किसानों के हक को दबाने का प्रयास कर रहा है। थाना प्रभारी को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि इस मामले में एसडीएम के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसान और ग्रामीण मिलकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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