कोरबा। विकसित भारत के संकल्पों को ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा पंचायतों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से मंगलवार को जनपद पंचायत करतला एवं पाली में एक दिवसीय जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीईओ जनपद पंचायत की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों तथा तकनीकी सहायकों ने भाग लिया।
क्या है ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (VGPY) मॉड्यूल?
प्रशिक्षण के दौरान कार्यक्रम अधिकारी द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPY) मॉड्यूल पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में:
- वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित योजनाएं तैयार करना।
- स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना।
- विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रभावी अभिसरण (Convergence) करना।
“इस मॉड्यूल के माध्यम से ग्राम पंचायतों में ऐसी क्षमता विकसित की जा रही है जिससे विकास योजनाएं पूरी तरह से सहभागी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हों।” — कार्यक्रम अधिकारी
आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर कार्य करने के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) और संसाधन मानचित्रण।
- GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग।
- विकास संबंधी अंतरालों (Gaps) की पहचान और स्थिति विश्लेषण।
- वार्षिक एवं दीर्घकालिक विकास योजनाओं का निर्माण।
सामुदायिक भागीदारी और पारदर्शिता पर जोर
प्रशिक्षण में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि सहभागी योजना निर्माण की प्रक्रिया में ग्राम सभा, वार्ड सभा, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) तथा अन्य स्थानीय हितधारकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। इससे निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और समावेशिता आएगी।
इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों समेत बड़ी संख्या में तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित रहे। इस पहल का अंतिम उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र, समावेशी एवं सतत विकास को गति प्रदान करना है।

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