कोरबा | ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से अप्रैल का महीना बेहद खास और संवेदनशील होने जा रहा है। 11 अप्रैल को मीन राशि में एक दुर्लभ ‘चतुर्ग्रही योग’ बनने जा रहा है। लगभग तीन दशक (30 साल) बाद शनि, मंगल, सूर्य और बुध एक ही राशि में मिल रहे हैं। ग्रहों के इस महासंयोग का सीधा असर देश-दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और मौसम पर देखने को मिलेगा।
ग्रहों का गणित: कब और कैसे बन रहा है योग?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मीन राशि में ग्रहों का जमावड़ा कुछ इस तरह लगा है:
- मंगल: 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं।
- सूर्य और शनि: ये दोनों ग्रह पहले से ही मीन राशि में विराजमान हैं।
- बुध: 10 अप्रैल की मध्यरात्रि (1:13 AM) को मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
- शनि उदय: 11 अप्रैल को रात 12:05 बजे शनि देव उदय होंगे, जिससे यह योग पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा।
प्राकृतिक आपदाओं और मौसम में बदलाव का अंदेशा
इस युति में मंगल (अग्नि) और शनि (अनुशासन/क्रूरता) का मिलन ‘द्वंद्व योग’ बना रहा है, जिसे हिंसा, तनाव और दुर्घटनाओं का कारक माना जाता है।
- प्राकृतिक संकेत: ज्योतिषियों ने भूकंप, आगजनी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी दी है।
- कृषि पर प्रभाव: पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे रबी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
बाजार में तेजी: शेयर मार्केट और व्यापार में उछाल
बुध को बुद्धि और व्यापार का स्वामी माना जाता है। बुध के इस गोचर से आर्थिक क्षेत्र में बड़े बदलाव दिखेंगे:
- शेयर बाजार: 11 से 30 अप्रैल के बीच शेयर मार्केट में अच्छी बढ़त की उम्मीद है।
- व्यापारिक समझौते: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए देशों के साथ आयात-निर्यात के बड़े अनुबंध हो सकते हैं।
- महंगाई की मार: अनाज, खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और खाद्य तेल की कीमतों में इजाफा होने का अनुमान है।
ज्योतिषीय परामर्श: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के बाद से ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा और स्थितियां सामान्य होने लगेंगी।

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