कोरबा | ग्रामीणों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत इन दिनों एक्शन मोड में हैं। कलेक्टर ने विकासखंड कोरबा के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) से स्वीकृत विभिन्न निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। कार्य में लापरवाही और धीमी गति पाए जाने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
लेमरू: चिकित्सक आवास निर्माण में लापरवाही, ठेकेदार को नोटिस
निरीक्षण के दौरान ग्राम लेमरू में बन रहे चिकित्सक आवास की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी (PWD) के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि संबंधित ठेकेदार को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सुधार नहीं होता है, तो कार्य का पुनः टेंडर निकाला जाए।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु और निर्देश:
- गुणवत्ता से समझौता नहीं: पशु चिकित्सालय, आंगनबाड़ी और आवासों के निर्माण में उच्च मानक की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
- समय-सीमा तय: लेमरू की आंगनबाड़ी को नए शैक्षणिक सत्र से पहले पूर्ण करने और श्यांग में बन रहे स्टाफ आवासों को अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
- इंजीनियरों की जवाबदेही: कलेक्टर ने इंजीनियरों को नियमित रूप से साइट पर मौजूद रहकर मॉनिटरिंग करने और संरचनाओं की उचित तराई (Curing) सुनिश्चित करने को कहा।
- सोनपुरी एवं अजगरबहार: यहाँ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) द्वारा निर्मित उप-स्वास्थ्य केंद्र और पीडीएस भवन का जायजा लिया गया। उन्होंने दोनों भवनों के लिए एक ही बाउंड्री वॉल बनाने और पहुँच मार्ग का काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
धान उठाव में लाएं तेजी
निर्माण कार्यों के साथ-साथ कलेक्टर ने लेमरू धान खरीदी केंद्र का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्रों से धान के उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि लंबित कार्यों का निपटारा समय पर हो सके।
कलेक्टर का कड़ा संदेश: “जनहित के कार्यों में देरी और गुणवत्ताहीन निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

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