कोरबा | केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ अब राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने एक झटके में ₹993 की वृद्धि को ‘जनता की जेब पर डाका’ करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3100 के पार पहुंच गई है।
‘जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश’
भाकपा जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ईंधन की कीमतों में यह बेलगाम बढ़ोतरी केंद्र सरकार की विफलताओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “सरकार वैश्विक परिस्थितियों का बहाना बनाकर अपनी नाकामी छिपा रही है। इस आर्थिक बोझ का सीधा असर आम जनता, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।”
मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर ‘दोहरी मार’
श्री वर्मा ने आगाह किया कि इस मूल्यवृद्धि का चेन रिएक्शन देखने को मिलेगा:
- होटल और रेस्तरां: बाहर खाना महंगा होगा।
- आम आदमी की थाली: चाय से लेकर भोजन की थाली तक के दाम बढ़ेंगे।
- छोटे संस्थान: छात्रावास (Hostels) और पीजी (PG) आवासों का खर्च बढ़ जाएगा।
‘वोट पड़ते ही जनता पर हमला‘
सीपीआई ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि करना सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है। श्री वर्मा ने कहा, “वोट पड़ते ही जनता पर यह क्रूर हमला कर दिया गया। यह साबित करता है कि सरकार को आम आदमी की आजीविका से कोई सरोकार नहीं है, उन्हें सिर्फ चुनावी लाभ से मतलब था।”
आंदोलन की चेतावनी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी सड़क पर उतरकर व्यापक जन-आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी।

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