कोरबा | पूर्व राजस्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है।
चुनाव के बाद जनता पर महंगाई की मार
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पाँच राज्यों के चुनाव तक सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत को छिपाए रखा। चुनाव परिणाम आते ही कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पिछले दो माह से जनता महंगाई से त्रस्त है और अब प्रधानमंत्री की अपील उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा काम कर रही है।” उन्होंने याद दिलाया कि राहुल गांधी ने इस संकट को लेकर बहुत पहले ही चेतावनी दी थी, जिसे सरकार ने अनसुना कर दिया।
उर्वरक संकट और किसानों की बदहाली
अग्रवाल ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा:
- पिछले सात वर्षों से देश में उर्वरकों की भारी कमी है।
- छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता है, लेकिन सोसायटियों तक मात्र 51 हजार मीट्रिक टन ही पहुँचा है।
- किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार अब उन्हें यूरिया की खपत कम करने की सलाह दे रही है, जिससे उत्पादकता घट रही है और किसान कर्जदार हो रहे हैं।
अजीबोगरीब सलाह: वर्क फ्रॉम होम और तेल का त्याग
प्रधानमंत्री द्वारा दी गई ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सलाह पर अग्रवाल ने सवाल उठाया कि गली-कूचे में सामान बेचने वाले और फेरी लगाने वाले छोटे व्यापारी घर से काम कैसे करेंगे? उन्होंने कहा कि रसोई का बजट इतना बिगड़ चुका है कि तेल और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों के कारण गृहणियां पहले ही कटौती को मजबूर हैं।
“2026 में सोने की कीमत 1.58 लाख के पार”
जयसिंह अग्रवाल ने एक तुलनात्मक आंकड़ा पेश करते हुए बताया कि 2013 में कांग्रेस शासन के दौरान सोना लगभग ₹29,000 प्रति 10 ग्राम था, जो आज 2026 में ₹1,58,000 तक पहुँच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों में सोना 5 गुना महंगा हो गया है, जिससे मध्यम वर्ग की पहुँच से यह बाहर हो चुका है।
पेट्रोल-डीजल और आर्थिक विफलता
प्रेस वार्ता में साझा किए गए प्रमुख बिंदु:
- ईंधन की कीमतें: पेट्रोल ₹70 से बढ़कर ₹100 के पार और डीजल ₹55 से बढ़कर ₹93.40 तक पहुँच गया है।
- उद्योगों पर असर: कमर्शियल गैस की कमी से छत्तीसगढ़ के स्टील उद्योग और छोटे व्यापार बंद होने की कगार पर हैं।
- कर्ज का बोझ: सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गलत नीतियों और GST के कारण 77% परिवारों को घर चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
- सरकारी खर्च: एक तरफ जनता त्रस्त है, वहीं प्रधानमंत्री के विदेश दौरों और ₹8400 करोड़ के निजी विमान पर भारी खर्च किया जा रहा है।
इस प्रेस वार्ता में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया, पूर्व विधायक श्याम लाल कंवर सहित मुकेश राठौर, मनोज चौहान और अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं और सरकार के पास फंड की भारी कमी दिख रही है।

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